शहीदों के परिजनों को किया गया सम्मानित
पुरकाजी। शहीद दिवस पर आयोजित एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम में शहीदों का भावपूर्ण स्मरण कर श्रद्धांजलि दी गई। शहीदों के परिजनों ने अपने परिवार के शहीदों की दास्तां बया की। मुंबई से आए कलाकारों ने देशभक्ति के गीतों से लोगों में उत्साह का संचार किया। शहीदों के परिजनों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया और एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन देकर अर्द्धसैनिक बलों के मारे गए जवानों को शहीद का दर्जा देने की मांग की गई।
नगर पंचायत चेयरमैन जहीर फारूकी के संयोजन में शनिवार रात आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान से हुआ। मुख्य अतिथि शहीद भगत सिंह के भतीजे किरनजीत सिंह ने शहीद ए आजम के जीवन के बारे में बताया। कहा कि भगत सिंह ने अंग्रेजों की गुलामी को खत्म करने के लिए देश में घूम घूमकर इंकलाबियों को जोड़कर एक पार्टी बनाई और अंग्रेजों के खिलाफ बगावत की। इस पर अंग्रेजों ने हजारों लोगों को मौत के घाट उतार दिया। भगत सिंह को गिरफ्तार कर उन पर देशद्रोह के 42 मुकदमे चलाए। उनके चाचा को घोर यातनाएं दी गईं। भगत सिंह ने जेल में 114 दिनों तक भूख हड़ताल की। अंग्रेज सरकार ने 24 मार्च 1931 को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी दे दी। उन्होंने कहा कि जिस मुल्क के किसान खुदकुशी करते हों वह भगत सिंह के सपनों का भारत कैसे हो सकता है। आज हमारे देश में जाति धर्म के नाम पर भेदभाव किया जाता है। इससे शहीदों की आत्मा को कष्ट पहुंचता होगा।
मुंबई से आए कलाकार हुमायूं कबीर, रहमान अली, सावेज आदि ने मेरा रंग दे बसंती चोला, मेरे देश की धरती सोना उगले आदि देश भक्ति के गीत सुनाए। कार्यक्रम के अंत में शहीद जवानों के लिए दो मिनट का मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। किरनजीत सिंह, वीर अब्दुल हमीद के पोते जमील इदरीसी, सचिन कुमार के अलावा पुलवामा में शहीद हुए शामली के कस्बा बनत निवासी अमित कोरी और प्रदीप कुमार के परिजनों को विशिष्ट अतिथि भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत और पुरकाजी चेयरमैन जहीर फारूकी ने प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र को दिया गया। कार्यक्रम से पूर्व सभी अतिथियों ने सूली वाला बाग पर पहुंचकर शहीदों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में हीरा लाल यादव, दानिश फारूकी, डॉक्टर तारिक, इरशाद फरीदी, सरदार कुलवंत सिंह, देवेंद्र सिंह, जोगेंद्र सिंह, जसविंदर सिंह, इरशाद फरीदी, मनोज यादव, जसवंत त्यागी, रियासत खलीफा, मोहम्मद सुलेमान , हाफिज मोहसिन, डॉक्टर फैसल, खुर्रम सभासद आदि मौजूद रहे।