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2014 में मुजफ्फरगर में चली थी भाजपा की आंधी

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2014 में चली थी भाजपा की आंधी
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रणवीर सैनी
मुजफ्फरनगर। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में आंधी चली थी। मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र में भाजपा को अकेले ही बसपा-सपा और कांग्रेस से अधिक वोट मिले थे। भाजपा प्रत्याशी डॉक्टर संजीव बालियान ने 6,53391 मत पाए। इसके अलावा बसपा, सपा और कांग्रेस तीनों दलों के प्रत्याशियों को मिलाकर कुल 4,25988 मत मिले। तीनों दलों से भी बीजेपी को 2,27403 मत अधिक मिले। सपा-बसपा के बीच गठबंधन के बाद भी यहां बीजेपी से मुकाबला आसान नहीं होगा। गठबंधन को कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा। गठबंधन के प्रत्याशी कौन रहेगा इस पर भी बहुत कुछ निर्भर करेगा।
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वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुट गए हैं। सपा और बसपा ने मिलकर चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव पर नजर डाले तो बसपा के कादिर राना दूसरे स्थान पर रहे थे। उन्हें दो लाख 52 हजार 241 मत मिले थे। सपा के वीरेंद्र सिंह तीसरे नंबर पर रहे और उन्हें एक लाख 60 हजार 810 मत मिले। कांग्रेस के पंकज अग्रवाल चौथे स्थान पर रहे और उन्हें मात्र 12 हजार 937 वोट मिले। तीनों प्रत्याशियों को मिलाकर कुल चार लाख 25 हजार 988 मत मिले। भाजपा को यहां कुल पड़े 11 लाख सात हजार 765 मतों में से छह लाख 53 हजार 391 मत मिले। भाजपा तीनों प्रत्याशियों के वोट मिलाकर भी दो लाख 27 हजार 403 मतों से आगे रही। 2014 के आंकड़ों को देखे तो सपा-बसपा के लिए मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट की डगर आसान नहीं है। दोनो दलों को भाजपा से पार पाने के लिए कड़ा संघर्ष करना होगा। गठबंधन के प्रत्याशी के ऊपर निर्भर करेगा कि वह भाजपा को कितनी चुनौती देगा। 2014 के लोकसभा चुनाव में ओबीसी वोट, सवर्ण वोट, जाट वोट और दलितों का 25 प्रतिशत से अधिक बीजेपी को ही मिला था। जिले में कुल मतों में लगभग 35 प्रतिशत हिंदू ओबीसी है। गठबंधन से यदि कोई ओबीसी प्रत्याशी आ गया तो भाजपा के लिए चुनाव संघर्षपूर्ण होगा। गठबंधन की तरफ से मुस्लिम प्रत्याशी के आने पर भाजपा की राह आसान हो सकती है। जाट प्रत्याशी के आने पर इन मतों में बिखराव हो सकता है। यह तो तय है कि भाजपा के लिए भी 2014 जैसी स्थिति नहीं रहेगी। साथ ही यह भी निश्चित है कि गठबंधन के लिए भाजपा को आसानी से हराना मुश्किल होगा। 2009 में बसपा के कादिर राना यहां से उस समय जीत भी चुके हैं, जब दलित के साथ ओबीसी भी बसपा को वोट कर रहा था। मुस्लिम मत उन्हें अपने बेस पर मिल गए थे।
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2014 के चुनाव में प्रत्याशियों को मिले वोट
पार्टी प्रत्याशी मिले वोट
भाजपा डॉ संजीव बालियान 6,53391
बसपा कादिर राना 2,52241
सपा वीरेंद्र सिंह 1,60810
कांग्रेस पंकज अग्रवाल 12,937
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