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शहीदों के सपनों का भारत बनाये युवा पीढ़ी: गुरुदत

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काकोरी कांड के वीर सपूतों की स्मृति में यज्ञ
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। स्वतंत्रता संग्राम में काकोरी कांड के अमर शहीदों की स्मृति में यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति का संकल्प लिया। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि युवा पीढ़ी क्रांतिकारियों के सपनों का भारत बनाए।
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ग्रीनलैंड मॉडर्न जूनियर हाईस्कूल में आयोजित यज्ञ एवं गोष्ठी में मुख्य अतिथि आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि काकोरी कांड के शहीदों पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खाँ और ठाकुर रोशन सिंह ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को आजादी दिलाई थी। बिस्मिल और अशफाक की मित्रता सांप्रदायिक सौहार्द की प्रतीक है। बिस्मिल को आर्य समाज के उपदेश तथा सत्यार्थ प्रकाश पढ़कर स्वाधीनता की प्रेरणा मिली। युवा पीढ़ी देशभक्तों के जीवन पथ की अनुगामी बने। जातिवाद के नारे से देश का भला नहीं होगा। राष्ट्र का चरित्र ऊंचा हो, बच्चे संस्कारित बने और देशहित की भावना से कार्य किए जाए। विडंबना है कि महापुरुषों और शहीदों को जाति-धर्म की संकीर्णता में बांटा जा रहा है। आर्य ने कहा कि केंद्र सरकार देश में संस्कार, संस्कृति आयोग का गठन करें, ताकि वैदिक सनातन संस्कृति के गौरव से भावी पीढ़ी अनभिज्ञ नहीं रहे। प्रधानाचार्य सुरेंद्रपाल सिंह आर्य ने कहा कि 19 दिसंबर, 1927 को काकोरी कांड के शहीदों को अंग्रेजों ने फांसी दी थी। विद्यार्थी आजादी आंदोलन के इतिहास को पढ़े। भारत के सपूतों ने जीवन का बलिदान कर मुल्क को स्वाधीन कराया था। छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत सुनाये। कोमल शर्मा, सुदेश रानी, संगीता और अंकुर मान ने विचार रखे।
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