आईटीएफ टूर्नामेंट में निभा रहे चेयर अंपायर का जिम्मा
मुजफ्फरनगर। आईटीएफ महिला टेनिस टूर्नामेंट में चेयर अंपायर का जिम्मा निभा रहे हिमांशु मलिक युवाओं को अंपायरिंग के क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित करते हैं। हरियाणा के हिसार जनपद के राजथल में जन्में हिमांशु का कहना है कि जिन लोगों को खेल के साथ घूमने का शौक है वह अंपायरिंग में आकर अपना करियर बनाएं। इसमें पहुंचने के लिए थोड़ी मेहनत जरूर लगेगी लेकिन अच्छी सेलरी और ग्लैमर के सामने यह ज्यादा नहीं है।
हिमांशु मलिक ने पांच साल पूर्व उन्होंने अंपायरिंग शुरू की थी। आईटी ग्रेजुएट होने के बावजूद उन्होंने यह फील्ड चुना। जाहिर है कि इसमें आईटी से ज्यादा स्कोप है। वह बताते हैं कि चेयर अंपायर बनने के लिए टेनिस के नियमों की पुख्ता जानकारी जरूरी है। आल इंडिया टेनिस एसोसिएशन परीक्षा के जरिए अंपायर का चयन करती है। फिर इंटरनेशनल मैच में अंपायरिंग का टेस्ट लिया जाता है। बाद में इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन परीक्षा लेती है और व्हाइट बैज दिया जाता है। अंपायर बनने के लिए टेनिस खिलाड़ी होना जरूरी नहीं होता। आईटीएफ टूर्नामेंट में सप्ताह के 550 डालर मिलते हैं जबकि एटीपी, डबल्यूटीए, गैंड स्लम, डेविस कप और फेड कप में अलग-अलग मेहनताना दिया जाता है। वह कहते हैं कि अच्छे करियर के साथ इस क्षेत्र में तटस्थता बहुत जरूरी है। हर मैच अंपायर के लिए चुनौती होता है। वह मैच स्थिति को कैसे नियंत्रण करता है, यही एक अच्छे अंपायर की पहचान होता है। उनके पांच साल के करियर में कई चुनौती भरे मौके आए लेकिन उन्होंने उन्हें अच्छे से संभाला।
आईटीएफ टेनिस टूर्नामेंट का समापन समारोह आज
मुजफ्फरनगर। सर्विसेज क्लब में चल रहे भावना स्वरूप मेमोरियल महिला टेनिस टूर्नामेंट का समापन शनिवार को दोपहर 12.00 बजे होगा। मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अशोक भूषण और विधि आयोग के चेयरमैन डॉ बीएस चौहान विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत करेंगे। समापन समारोह की अध्यक्षता विधि आयोग के चेयरमैन डॉ वीएस चौहान करेंगे।