ग्राम प्रधानों का कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर । पद वापस पाने के लिए निर्वाचित ग्राम प्रधान को टरकाया जा रहा है। 43 दिन से दफ्तरों के चक्कर लगाने और छह दिन से धरना देने के बावजूद प्रशासन ने कोई निर्णय नहीं लिया है। शनिवार को अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और डीपीआरओ पर दलित उत्पीड़न का आरोप लगाया।
शाहपुर ब्लाक के ग्राम पंचायत निरमाना के निर्वाचित ग्राम प्रधान भूपेंद्र आर्य एससी-एसटी एक्ट को लेकर हुए आंदोलन में जेल चले गए थे। इसके बाद डीएम ने गांव में विकास कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी थी। जमानत मिलने के बाद भूपेंद्र आर्य जेल से बाहर आ गए हैं। उन्होंने डीपीआरओ को प्रार्थना पत्र देकर गांव में गठित कमेटी को भंग कर उन्हें चार्ज देने की मांग की थी, लेकिन 43 दिन बीतने के बावजूद उन्हें चार्ज नहीं दिया गया। छह दिन से डीपीआरओ कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं। शनिवार को अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन और ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष सतेंद्र बालियान ने कहा कि निर्वाचित ग्राम प्रधान का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधान संगठन के खिलाफ आंदोलन करेगा। प्रदर्शन एवं धरने में जिला प्रभारी सतेंद्र लोहड़ा, अजय त्यागी, मलीरा, सचिव वजिय त्यागी, कृष्ण प्रधान, रविकांत, सोनू निरमाना, विजय, गौतम, सचिन करानिया, कर्मवीर प्रधान, रुस्तम आदि शामिल रहे।
निरमाना के निर्वाचित ग्राम प्रधान का मामला एक-दो दिन में निस्तारित हो जाएगा। कानूनी राय के लिए फाइल डीजीसी क्राइम को भेजी गई है। प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इस पर निर्णय हो जाएगा। अर्चना वर्मा, सीडीओ।