जीवनशैली में सादगी और विनम्रता जरूरी
खतौली। केके जैन डिग्री कालेज में दस दिवसीय जैन दर्शन कार्यशाला के 9वें दिन मुख्य वक्ता पंडित विकास कुमार जैन ललितपुर ने जैन संस्कृति एवं हमारा जीवन तथा उत्तम अकिंचन एवं उत्तम ब्रह्मचर्य विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने दैनिकचर्या पर विशेष चर्चा की तथा जीवन की शैली में सादगी, संतोष और स्वाध्याय के समावेश की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा हमारे जीवन में बुरे विचारों के लिए जगह नहीं होनी चाहिए। हमें सकारात्मक सोच एवं सकारात्मक विचार रखने चाहिए।
धर्मसभा के अंत में प्रबंध समिति के सचिव मुकेश कुमार जैन ने ललितपुर से पधारे पंडित विकास जैन, अनुभव जैन, सहजशास्त्र का आभार व्यक्त किया। महाविद्यालय के अध्यापक डॉ. कमल किशोर, सत्येंद्र कात्यायान, डॉ. फरहीन जावेद, डॉ. मेघा फातिमा ने कार्यशाला से प्राप्त लाभों का विवेचन किया। प्राचार्या डा. नीतू वशिष्ठ ने सभी का आभार प्रकट करते हुए बताया कि इस दस दिवसीय कार्यशाला में हमें भारतीय संस्कृति की आत्मसात करने का मार्ग बताया। स्नातक एवं स्नातकोत्तर के छात्र छात्राओं ने भी कार्यशाला की उपयोगिता पर अपने विचार रखे। अंत में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में महाविद्यालय की शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ की ओर से उत्तर बताने वालों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। संयोजक डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि 25 सितंबर को सुबह 8.30 बजे महाविद्यालय पुस्तकालय भवन में क्षमावाणी पर्व के साथ यह कार्यशाला संपूर्ण होगी। मनोज जैन, सुशील जैन, कल्पेंद्र कुमार जैन, संजय जैन, डॉ. सपना जैन, दीप्ती जैन, डॉ. विपिन कुमार बंसल, डॉ. पंकज कुमार, आशीष जैन, राहुल माहेश्वरी, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. सचिन गोयल, रीचा अग्रवाल, डॉ. अल्पना गर्ग, डॉ. शालिनी जैन, मुकुल कुमार, सोनिया, कंचन, अतुल, संदीप कुमार, राजकुमार जैन, अनुराग जैन, रजनी जैन आदि उपस्थित रहे।