मुजफ्फरनगर। जल निगम में पाइप पेयजल योजना के लगभग छह करोड़ रुपये दूसरे मदों में खर्च करने के मामले में कार्रवाई से पहले ही एक्सईएन वाईके शर्मा का तबादला कर दिया गया है। जिले की नोडल अधिकारी आराधना शुक्ला ने इस प्रकरण के दोषियों की रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए थे। शासन को रिपोर्ट जाने से पहले ही शर्मा का ट्रांसफर हो गया।
पाइप पेयजल योजनाओं को पूरा करने के लिए जल निगम ने सीडीओ के माध्यम से शासन से 65 करोड़ की डिमांड की थी। पाइप पेयजल योजना में की गई इस डिमांड के बाद शासन विभाग में बकाया पैसे की डिटेल मांगी तो पैसे में छह करोड़ का अंतर सामने आया। खाते में 18 करोड़ की जगह 12 करोड़ होने को शासन ने गंभीरता से लिया। तत्कालीन सीडीओ अंकित अग्रवाल ने जिले के चार सीनियर लेखा अधिकारियों से जांच कराई तो मामला एक साल पहले का सामने आया। पाइप पेयजल योजनाओं का पैसा दूसरे मदों पर खर्च कर दिया गया। जिले की नोडल अधिकारी आराधना शुक्ला ने इस मामले में कार्रवाई के लिए डीएम को शासन को रिपोर्ट भेजने के लिए कहा। शासन को रिपोर्ट भेजने से पहले ही विभाग के एक्सईएन वाईके शर्मा का तबादला कर दिया गया है, उनके स्थान पर पवन अग्रवाल की तैनाती की गई है। शर्मा के तबादले को भी इस मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से दो विधायक इंजीनियर के तबादले की पैरवी में लगे हुए थे।
शासन को भेजी जा रही रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर। स्वच्छ पेयजल समिति के सचिव और प्रकरण के जांच अधिकारी डीडीओ मोतीलाल व्यास ने बताया कि जनपद की नोडल अधिकारी आराधना शुक्ला के निर्देश के बाद जल निगम में पैसे का डायवर्जन करने के दोषी अफसरों के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। एक्सईएन के तबादले से कार्रवाई थोड़ी प्रभावित होगी।