शिकायत के दस साल बाद जांच को पहुंची एडी हेल्थ
मुजफ्फरनगर। सरकारी व्यवस्था का आलम कैसा है, यह एक बानगीभर है। शिकायत के दस साल बाद स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक जांच के लिए पुरकाजी की सीएचसी पर पहुंचते हैं। शिकायतकर्ता भी अचरज में है और जांच के जवाब से जुड़े चिकित्सक भी। मामला पुरकाजी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा है।
दस साल पहले क्षेत्र के गांव झबरपुर निवासी एक महिला की डिलीवरी सीएचसी में हुई थी। प्रसूता के परिजनों ने तात्कालिक एएनएम पर गीता शर्मा पर आरोप लगाया था कि सुविधा शुल्क न देने पर उसने जज्जा-बच्चा की देखरेख नहीं की। प्रसूता को गंभीर हालत में प्राइवेट अस्पताल में ले जाना पड़ा। शिकायतकर्ता ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामला हाईकोर्ट में पहुंचने के बाद मामले की जांच एडी हेल्थ डॉ सत्या सिंह को सौंपी गई। दस साल बाद एडी हेल्थ पुरकाजी सीएचसी पहुंची। इतना पुराना मामला होने की वजह से न तो सीएचसी पर आरोपी एएनएम मिली और न ही झबरपुर गांव से शिकायतकर्ता पहुंचे। एएनएम गीता सेवानिवृत्त हो चुकी है और विभाग के पास उनकी फिलहाल की कोई जानकारी नहीं है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि एक मामले में बृहस्पतिवार को एडी हेल्थ ने जांच की है। पुरकाजी सीएचसी पर किसी एएनएम की शिकायत की गई थी।