फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आपके अनुभव को परखेगा औषधि प्रशासन

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रमाण-पत्र फर्जी मिला तो फर्म पर होगी कार्रवाई
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। दवा विक्रय करने के लिए थोक लाइसेंस आवेदन करने वालों की अब विभाग गहनता से जांच-पड़ताल करेगा। आवेदक के अनुभव प्रमाण-पत्र की गोपनीय जांच होगी। सत्यापन के लिए डीआई खुद कमान संभालेंगे। अनुभव प्रमाण-पत्र देने वाली फर्म की भी पूरी कुंडली खंगाली जाएगी। उसके बाद ही थोक का लाइसेंस जारी होगा। बिना अनुभव फर्जी प्रमाण-पत्र देने वाले आवेदक, उसकी फर्म पर जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई होगी।
विज्ञापन

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने थोक लाइसेंस के लिए नवीन प्रणाली लागू की है। अब तक थोक में दवा विक्रय करने के लिए अनुभव प्रमाण-पत्र दिए जाते थे, जिनके आधार पर लाइसेंस जारी होते थे। हालांकि अनुभव पत्र अब भी देना होगा, लेकिन विभाग पहले इसकी जांच-पड़ताल करेगा। शासन ने माना है कि 5 से 7 साल का अनुभव दिखाकर थोक के लाइसेंस लिए जा रहे हैं, जबकि आवेदक विक्रेता को दवाइयों का पूरी तरह से ज्ञान नहीं है, जिससे दवाइयों की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ रहा है। इसको लेकर शासन ने औषधि निरीक्षक को आवेदन करने वाले व्यक्ति के तमाम पत्रों की जांच करने के आदेश दिए हैं। अधिकारी अब जिस फर्म का अनुभव लैटर आवेदक देगा, उसकी जांच करेंगे। फर्म को बैंक खाता, हाजिरी पंजिका आदि को दिखाना होगा। यहां से पुष्टि होने के बाद ही लाइसेंस जारी हो सकेगा। जांच में अनुभव लैटर, फर्म फर्जी मिली तो तत्काल कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं, शासन ने साफ कर दिया है कि जहां निरीक्षण किया जाएगा, उसकी पूरी डिटेल पोर्टल पर भेजी जाएगी। यहां से उक्त जांच की भी रैंडम चेकिंग होगी। एफएसडीए आयुक्त कामिनी चौहान रतन ने इस बाबत आदेश जारी किए हैं। डीआई जगबीर सिंह ने बताया कि अनुभव प्रमाण-पत्रों की जांच-पड़ताल कराई जाएगी। उसके बाद ही थोक विक्रय के लाइसेंस जारी होंगे। फर्जी कागज देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन

--
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें