बिना छुट्टी के स्कूलों से गायब मिले 97 शिक्षक
मुजफ्फरनगर। परिषदीय स्कूलों में डीएम के निर्देश पर 35 अफसरों की टीमों ने एक साथ पूरे जिले में निरीक्षण किया। निरीक्षण में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 97 शिक्षक बिना अवकाश प्रार्थना पत्र के अपने स्कूलों से गायब मिले। सुबह छह बजे ही अफसरों को निरीक्षण के लिए स्कूल आवंटित किए गए। लगातार छह घंटे तक जिले भर में निरीक्षण का कार्य चला। प्रशासन की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
डीएम अजय शंकर पांडेय ने सोमवार की शाम ही 35 अफसरों को निर्देश जारी किए थे कि वह मंगलवार की सुबह छह बजे जिला पंचायत के सभागार में अपने वाहन सहित उपस्थित होंगे। जिला पंचायत सभागार में मुख्य विकास अधिकारी ड्यूटी सौपेंगी। लोकसभा चुनाव में जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात इन अधिकारियों को सुबह छह बजे बंद लिफाफे में उन परिषदीय विद्यालयों के नाम दिए गए, जिनमें उन्हें औचक निरीक्षण करना था। जिन बिंदुओं पर निरीक्षण करना है, उसकी चेकलिस्ट भी साथ में दी गई। जिले में एक साथ 798 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण स्कूल खुलने के समय से शुरू हुआ। निर्धारित 25 कॉलम के सभी बिंदुओं पर निरीक्षण हुआ। छात्रों की उपस्थिति, अध्यापकों की उपस्थिति, विद्यालय का शैक्षिक स्तर, मिड डे मिल की स्थिति, विद्यालय के भौतिक वातावरण की स्थिति, लाइब्रेरी, शौचालय की स्थिति, साफ-सफाई आदि निरीक्षण के मुख्य बिंदु रहे। निरीक्षण के बाद निरीक्षण टिप्पणी संकलित कराने का कार्य सीडीओ ऑफिस में हुआ। छह घंटे तक चले निरीक्षण की रिपोर्ट शाम पांच बजे तक एकत्र हुई। अफसरों के निरीक्षण में बिना छुट्टी लिए 97 शिक्षक अपने विद्यालयों से गायब मिले। अनुपस्थित शिक्षकों का विद्यालय में अवकाश प्रार्थना पत्र नहीं मिला। कुछ स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति कम पाई गई। अधिकांश प्राथमिक विद्यालयों के शौचालय संचालित पाए गए, लेकिन सफाई व्यवस्था का अभाव देखा गया। जिन विद्यालयों को पुस्तकें प्राप्त हो गई हैं, उन्हें छात्रों को उपलब्ध कराया जाना पाया गया। जनपद के इतिहास में प्राथमिक विद्यालयों का एक दिन में इतना सघन निरीक्षण पहली बार हुआ है। डीएम स्वयं इन निरीक्षण टिप्पणियों का अध्ययन कर रहे हैं तथा चेकलिस्ट के प्रत्येक बिंदु पर कार्यवाही की योजना तैयार की जा रही है। साथ ही निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग के पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। डीएम ने बताया कि लोक सभा चुनाव के दौरान प्राथमिक स्कूलों में मतदान केन्द्र की स्थापना एवं विद्यालय स्टाफ की व्यस्तता के कारण सुस्त पड़ गए शिक्षण कार्य को गति प्रदान करने के लिए यह निरीक्षण किया गया।