पलक झपकते ही झपट पड़ी मौत
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। शुगर मिल कॉलोनी में टावर वाली गली निवासी फूलमती (70) पत्नी बलबीर रोजाना सुबह घर से अकेले ही निकलकर हाईवे पर मार्निंग वॉक के लिए आती थी। रोजाना की भांति शनिवार सुबह भी वह हाईवे की सर्विस लेन पर चहलकदमी कर रही थी। उनके कुछ दूरी पर करीब 30 वर्षीय युवक खड़ा था। कार की चपेट में आकर दोनों की मौत हो गई। उनके परिवार वाले इस मनहूस पल को कोस रहे थे कि आखिर यह दिन क्यों देखना पड़ा। वृद्धा की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
हाईवे पर भी रोजाना की भांति ही छोटे-बड़े वाहन आ-जा रहे थे। इसी दौरान मुजफ्फरनगर की तरफ से आई तेज रफ्तार वरना कार वृद्धा व युवक की आंखों के आगे मंसूरपुर तिराहे पर अचानक अनियंत्रित होकर हाईवे पर इधर से उधर लहराने लगी। जब तक वृद्धा व युवक उक्त कार को लहराते देख कुछ भी समझ पाते, बेकाबू कार अचानक डिवाइडर पार कर सर्विस लेन में ही जा घुसी और कई बार पलटे खाती हुई वृद्धा व युवक को चपेट में लेकर कुचलते हुए भगतजी स्वीट्स में जा घुसी। हादसा इतना जल्दी हुआ कि दोनों में से किसी को भी बचने का जतन करना तो दूर, पलकें झपकाने तक का मौका नहीं मिला। दोनों ही कार की चपेट में आकर मौत के मुंह में समा गए। हादसे के बाद कार भी कई पलटे खाने से बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे उसमें सवार पटेलनगर, न्यू गाजियाबाद निवासी राखी पत्नी नरेश गुप्ता व बेटीरिया के साथ ही महिला के भाई ग्रेटर नोएडा निवासी अजय, संजय और नोएडा निवासी कार चालक चीता भी घायल हो गए। सभी को पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार से निकाला। प्रथम दृष्टया हादसे की वजह कार की तेज रफ्तार के साथ ही चालक को नींद की झपकी आने को माना जा रहा है। हादसे के बाद वृद्धा के शव को तो पीड़ित परिजन बिना किसी कार्रवाई के शुकतीर्थ ले गए, जहां गंगा किनारे उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया, जबकि युवक की शिनाख्त नहीं हो सकी है।
दुकान खुली होती तो कहीं अधिक बड़ा होता हादसा
मंसूरपुर। हाईवे पर शनिवार सुबह करीब 6.30 बजे हादसा होने के दौरान सभी दुकानें बंद थीं। जिस भगतजी स्वीट्स में बेकाबू कार घुसी, वह अमूमन तब तक खुल जाती थी, लेकिन आज देरी से ही खोली गई। हादसे में दुकान के बाहर रखा काउंटर कार की चपेट में आने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसकी हालत देख हादसे की भयावहता को बखूबी समझा जा सकता है। माना जा रहा है कि यदि हादसा करीब एक घंटे बाद हुआ होता हो कार की चपेट में कई लोग आते, जिससे हादसा बहुत बड़ा भी हो सकता था।