सरोद वादन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया
मुजफ्फरनगर। स्पिक मैके के कार्यक्रम में पंडित तेजेंद्र नारायण मजूमदार ने सरोद वादन की अनूठी प्रस्तुति दी। सरोद वादन को सुनकर छात्र श्रोता झूम उठे। उन्होंने छात्रों को सरोद वादन के बारे में विस्तार से बताया।
सरकुलर रोड स्थित डीएस पब्लिक स्कूल में विख्यात सरोद वादक पंडित तेजेंद्र नारायण मजूमदार ने शुरुआत राग मियां के सारंग से की। विद्यार्थियों को राग के बारे में बताया। कहा कि भारतीय संगीत की विशेषता यह है कि रागों पर आधारित है। रागों का संबंध विभिन्न प्रहर एवं ऋतुओं से है। राग मियां के सारंग की रचना प्रसिद्ध संगीतकार मियां तानसेन ने की थी। राग का प्रारंभ उन्होंने सूक्ष्म में अलापचारी के साथ करते हुए मध्य एवं द्रुत लय में बंदिशें प्रस्तुत की। अजराड़ा घराने के विख्यात तबाला वादक उस्ताद अकरम खान ने बखूबी संगत प्रदान की। उन्होंने राग भटियाली में बंगला उपशास्त्रीय संगीत की छटा बिखेरी तो दूसरी तरफ रविंद्रनाथ टैगोर के इकला चला रे गीत को बहुत सुुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा की प्रस्तुति को विद्यार्थियों ने सराहा।
छात्रों ने सरोद के साथ अपनी आवाज दी तो तबले के साथ तालियों से ताल मिलाया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने मजूमदार से सवाल भी पूछे। उन्होंने फरीदा खानम की एक गजल भी गाकर सुनाई। इस दौरान मीनू गोयल, सुनीता शर्मा, गरिमा जैन, लक्ष्मी तिवारी, मृदुला मित्तल, विपिन जैन, एनएन पंत, राधा मोहन तिवारी मौजूद रहे।