श्रम विभाग ने मजदूरों को दी आर्थिक सहायता
मुजफ्फरनगर। श्रम विभाग में पंजीकृत सात श्रमिकों की मृत्यु हो जाने पर उनके परिजनों को 15 लाख 75 हजार दिए गए। प्रत्येक परिवार को दो लाख 25 हजार दिए गए। पैसा सीधे मृतकों के आश्रितों के खाते में भेजा गया।
डीएम जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित ‘निर्माण कामगार मृत्यु एवं विकलांगता सहायता योजना’ तथा अंत्येष्टि सहायता योजना के अंतर्गत अगस्त महीने में मृत्यु होने पर सात श्रमिकों के परिवार की आर्थिक मदद की गई। जिन श्रमिकों की मृत्यु हुई है उनमें विजय पाल, रामशरण, जावित्री, संजय, बिजेंद्र, रोहताश, ऋषिपाल शामिल हैं। इनके आश्रितों कविता, करेशना, नेमचंद, ममतेश, वीरमती, रेशमी तथा कमलेश को 2,25,000 रुपये प्रति श्रमिक की दर से कुल 15,75,000 रुपये की धनराशि को जारी की गई। स्वीकृत धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से सीधे पंजीकृत श्रमिकों के आश्रितों के बैंक एकाउंट में भेजी जा रही है। कन्या विवाह सहायता योजना में एक शादी पर 55 हजार के हिसाब से तीन श्रमिकों के परिवार को एक लाख 65 हजार जारी किए गए।
पंजीकृत श्रमिकों को शिशु हितलाभ, मातृत्व हितलाभ, मेधावी छात्र पुरस्कार योजना, संत रविदास छात्रवृत्ति सहायता योजना, सौर ऊर्जा सहायता योजना, कौशल विकास सहायता योजना, कन्या विवाह सहायता योजना का लाभ दिया जा रहा है। इन योजनाओं का लाभ पंजीकृत श्रमिक ही पा सकता है। निर्माण श्रमिकों के पंजीयन को ग्रामों में कैंप भी लगाए जा रहे हैं।
पंजीकरण की फीस 20 रुपये हुई
मुजफ्फरनगर। सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में मजदूरों का पंजीकरण अब केवल बीस रुपये में होगा। सरकार ने 50 के स्थान पर 20 रुपए करते हुए यह भी कर दिया है कि अब तीन साल का एक साथ जमा करा सकते हैं। पंजीकरण लोकवाणी केंद्रों पर ऑनलाइन भी हो सकता है। श्रमिक को फोटो, आधार कार्ड की प्रति, 90 दिन निर्माण कार्य का प्रमाण-पत्र दिया जाना आवश्यक है।
बिजली ठेेकेेदारों पर होगा मुकदमा
मुजफ्फरनगर। सहायक श्रमायुक्त अनिल सिंह ने बताया कि विद्युत निगम में कार्यरत श्रमिकों ने लिखित में शिकायत की थी कि उन्हें नियमों से काफी कम पैसा दिया जा रहा है। सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। नोटिस भेजकर ठेकेदारों से जवाब मांगा गया, लेकिन वह कोई जवाब नहीं दे पाए। विभाग सीजेएम के न्यायालय में ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएगा।