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बॉलीवुड में मुकाम पाने को संघर्ष से मिलती है राहे

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मुजफ्फरनगर। फिल्म और टीवी अभिनेता विकास वर्मा ने कहा कि मुंबई में एक्टर और डायरेक्टरों की भीड़ बढ़ती जा रही है। यहां पर संघर्ष करने पर ही मुकाम हासिल होता है। अधिकांशत: निगेटिव रोल करने वाले विकास वर्मा का कहना है कि पहले डायरेक्टर अनुभवी आर्टिस्ट को लेते थे, वे मंझे हुए कलाकार होते थे। अब न तो टेप बर्बाद होने की फिक्र होती है न ही रीटेक की। इसलिए एक्टर और डायरेक्टर बढ़ते जा रहे हैं।
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यारियां, कृपाण: ए सोवर्ड ऑफ ऑनर, शानदार, मॉम, जुड़वा-2, राब्ता तथा यारों की बरात जैसी फिल्मों के अलावा झांसी की रानी, तेनालीरामा, चंद्रगुप्त मौर्य और गंदी बात जैसे धारावाहिकों से नाम कमाने वाले विकास वर्मा अपने निगेटिव रोल्स को लेकर खुश हैं। श्रीराम कॉलेज में चल रहे फैशन शो में शामिल होने से पूर्व उन्होंने पत्रकारों से वार्ता की। कहा कि उनका विलेन रूप केवल पर्दे तक ही सीमित है। असल जिंदगी में आते ही वह पूरी तरह बदल जाते हैं। बचपन में हकलाहट को छिपाने के लिए उन्होंने अलग-अलग हस्तियों की मिमिक्री शुरू कर दी। वह 40 से भी ज्यादा फिल्म कलाकारों की मिमिक्री कर सकते हैं। उन्होंने प्राण, अमरीशपुरी, अजय देवगन, शाहिद कपूर जैसे अभिनेताओं की मिमिक्री भी सुनाई। कहा कि ह्यूमन माइंड बेहद ताकतवर है। आप जो ठान लें उसे पूरा कर सकते हैं। कुछ अभिनेताओं के भारत में डर लगने के बयान पर उन्होंने सीधे तौर पर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन इतना जवाब दिया कि जिस देश से उन्हें इतना प्यार मिला उसे छोड़कर कभी नहीं जाना चाहेंगे। बाकी हर व्यक्ति में किसी न किसी तरह का डर होता ही है।

रचनात्कता के लिए खुली हैं राहें- हुनर हाली
मुजफ्फरनगर। टीवी अभिनेत्री हुनर हाली रचनात्मक क्षमता वाले युवाओं के लिए अभिनय के क्षेत्र को मुफीद मानती हैं। श्रीराम कॉलेज में पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि लड़कियां इस क्षेत्र में आएं और माता-पिता को भी उनका हौसला बढ़ाना चाहिए। कहानी घर-घर की, गृहस्थी, ससुराल गेंदा फूल, एक बूंद इश्क, थपकी प्यार की, टीवी बीबी और मैं तथा पटियाला बेब्स जैसे धारावाहिकों में अभिनय करने वाली हुनर हाली कुछ अभिनेताओं के भारत में डर लगने के बयान पर कहती हैं कि उन्हें यह नहीं मालूम कि इस तरह का बयान क्यों दिया गया। बयान देने वालों ने किस चीज से डरने की बात कही। हर व्यक्ति को अलग-अलग चीज से डर लगता है। भारत में सबको अपनी बात कहने का हक है।
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