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ईवीएम जमा करने को गुजरी पूरी रात

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मुजफ्फरनगर। बृहस्पतिवार को लोकसभा चुनाव की वोटिंग होने के बाद नवीन मंडी स्थल पर शाम साढे़ छह बजे से ईवीएम मशीनें जमा होने के लिए आनी शुरू हुईं। पूरी रात ईवीएम का मिलान और उन्हें जमा करने का कार्य चला। इस कारण बड़ी संख्या में कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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जिले में सभी 2167 बूथों से ईवीएम आने का सिलसिला शाम साढे़ छह बजे से शुरू हुआ। रात्रि में नौ बजे तक सभी पोलिंग बूथ से बसे कर्मचारियों और ईवीएम मशीनों को लेकर नवीन मंडी स्थल पर पहुंच चुकी थी। ईवीएम जमा करते समय कर्मचारियों को अपने कागजों का पूरा मिलान कराना था। रजिस्टर के रिकार्ड और ईवीएम में पड़े वोटों का मिनान कराया गया। रात्रि में अधिकारियों की मौजूदगी में यह कार्य चला। कुछ कर्मचारी अपने इस काम में इतने उलझ गए कि उन्हें पूरी रात लग गई। सुबह पांच बजे तक ईवीएम को स्टोर में रखने का काम चला। बड़ी संख्या में कर्मचारियों को अपनी रात नवीन मंडी स्थल पर ही बितानी पड़ी। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि सभी ईवीएम को मिलान करा लिया गया है। देर रात डीएम अजय शंकर पांडेय, एडीएम और प्रेक्षक भी नवीन मंडी स्थल पर ही मौजूद रहे।

कड़ी सुरक्षा में रखी गई ईवीएम
मुजफ्फरनगर। नवीन मंडी स्थल पर ईवीएम को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। डीएम अजय शंकर पांडेय ने बताया कि ईवीएम को रखने के बाद कमरों की सील लगा दी गई है। ईवीएम की सुरक्षा में अर्द्धसैनिक बलों को लगाया गया है। ऐसी व्यवस्था की गई है कि ईवीएम तक परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में सभी ईवीएम और स्ट्रांग रूम रहेगा। लोकसभा का मतदान होने पर अब हारजीत के सवाल को लेकर चुनावी चर्चा हो रही है। शहर से लेकर देहात तक सफर में, चाय की दुकानों पर, गली की बैठक और चौपालों पर ये ही चर्चा है कि जीत का सेहरा किस प्रत्याशी के सिर पर सजेगा। शहर में भी शिव चौक, कंपनी बाग, स्टेशन, रोडवेज, कैंटीन आदि स्थानों पर चुनाव परिणाम को लेकर चर्चा रही।
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वोटरों तक पहुंची पर्ची
मुजफ्फरनगर। मतदान के लिए वोटरों तक पहुंचाई गई पर्चियों से बेहद सुविधा हुई। शहर और कस्बों में मतदान केंद्रों पर लाइन में लगे वोटरों हाथों में ज्यादातर स्पष्ट फोटो के साथ बूथ के पूर्ण विवरण का ब्योरा दिया गया था। मतदान केंद्र के साथ कमरा नंबर तक दिया गया था, जिससे भी अधिक मतदान हो सका। प्रत्याशियों के बस्ते पर जाये बिना उपलब्ध पर्ची के साथ मतदाता अपने बूथ पर गये और वोटर सूची में मिलान करा कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
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