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पांच दिन में परिवार के तीन बच्चों की मौत

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पांच दिन में परिवार के तीन बच्चों की मौत
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भोपा (मुजफ्फरनगर)। गांव सिकंदरपुर में बीते पांच दिन में एक ही परिवार के तीन बच्चों की जानलेवा बीमारी से मौत हो गई। शनिवार को तीसरी बच्ची की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। बच्ची का दिल्ली में उपचार चल रहा था, लेकिन किसी को बचाया नहीं जा सका। परिजनों का कहना है कि कुछ दिन पूर्व पपीता खाने से तीनों बच्चों की हालत बिगड़ी थी।
गांव सिकंदरपुर निवासी किसान विकास उर्फ सोनू के आठ वर्षीय बेटी आयुषी, छह वर्षीय अवनी और चार वर्षीय अवि चौधरी थे। विकास का कहना है कि करीब दस दिन पहले बच्चों ने पपीता खाया था। इसके बाद से उन्हें पेट में दर्द और उल्टी शुरू हो गई। उन्होंने गांव के डॉक्टर को ही दिखाया, लेकिन आराम नहीं हुआ। बाद में तीनों बच्चों को भोपा, मुजफ्फरनगर और उसके बाद मेरठ ले गए। मेरठ से भी उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया। बीते बुधवार को अवनी की दिल्ली अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। शुक्रवार को चार वर्षीय अवि चौधरी ने भी दम तोड़ दिया। सबसे बड़ी पुत्री आयुषी का उपचार चल रहा था। रविवार की सुबह वह भी मौत से जंग हार गई। परिजन दोपहर तक उसके शव को लेकर गांव पहुंच गए और अंतिम संस्कार कर दिया। तीन भाई-बहनों की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
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किस बीमारी से मौत हुई स्पष्ट नहीं
तीन बच्चों की मौत का मामला हर किसी के लिए रहस्य बना हुआ है। पपीता खाने से बच्चों की मौत होना किसी के गले नहीं उतर रहा। परिजन बीमार होने के बाद से बच्चों का उपचार करा रहे थे, लेकिन उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। जिले के स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को भी इसकी सूचना नहीं दी गई। ग्रामीण और परिजन तीनों मौतों के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता पा रहे।
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इन्होंने कहा...
बच्चों की मौत की जानकारी मिली है, लेकिन परिजन उनके उपचार से संबंधित कागजात दिखाएं तो पता लग सकेगा कि बच्चों को क्या बीमारी थी और उन्हें क्या उपचार दिया जा रहा था। फिलहाल तो वह इस संबंध में कुछ नहीं बता सकते।
- डा. पीएस मिश्रा, सीएमओ।
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