फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वीना वादन से संगीत की गहन अनुभूति कराई

विज्ञापन
विज्ञापन
वीणा वादन से संगीत की गहन अनुभूति कराई
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। स्पिक मैके की विरासत श्रृंखला-2018 के तहत डीएवी डिग्री कॉलेज के सभागार में उस्ताद बहाउद्दीन डागर ने ध्रुपद शैली में रुद्र वीणा वादन से संगीत की गहन अनुभूति कराई । उन्होंने बताया कि रुद्रवीणा के प्रमाण समुद्र गुप्त कालीन सिक्कों में मिलते हैं, वैसे इसे भगवान शिव द्वारा निर्मित माना गया है।
विज्ञापन

देश की लुप्त होती विरासत के संरक्षण में संलग्न संस्था स्पिक मैके के माध्यम से डीएवी कॉलेज में विश्व के एक मात्र जाने माने रुद्र वीणा वादक उस्ताद बहाउद्दीन डागर ने प्रस्तुति दी। धीर गंभीर वाद्य रुद्र वीणा पर ध्रुपद का प्रभाव तेज रफ्तार संगीत सुनने की आदी युवा पीढ़ी पर साफ तौर पर देखा गया। डागर ने राग नूर सारंग सुनाया। अलाप के सौंदर्य को बहुत खूबसूरती से निखारते हुए उन्होंने जोड़, झाला के बाद एक बंदिश भी प्रस्तुत की। पखावज पर संजय आगले ने सुंदर संगत प्रदान की। तानपुरे पर उस्ताद के शिष्य अनुपम तिवारी ने साथ निभाया। श्रोताओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने विभिन्न प्रकार की वीणा तथा उनके वादन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान शिव को रुद्रवीणा का जनक बताया गया है, जिसको किसी समय साधु संतों द्वारा बजाया जाता था। कार्यक्रम के संयोजक आरएम तिवारी ने बताया कि ध्रुपद और रुद्रवीणा दोनों ही विशुद्ध रूप से भारतीय विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ध्रुपद और रुद्रवीणा को संरक्षित न किया गया गया तो हम बहुत बड़े घाटे में रहेंगे। युवा पीढ़ी को भी आगे आने की आवश्यकता है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ पीके गुप्ता, जयप्रकाश आजाद, डॉ एसपी मित्तल एवं कलाकारों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कलाकारों का अभिनंदन मीनू गोयल, मृदुला मित्तल, डॉ गरिमा जैन, विपिन जैन, डॉ सुषमा सैनी, संजय सिंह, अर्चना सिंह, वेदपाल सिंह तथा राहुल शर्मा, ने किया। कार्यक्रम में अनिता ढल, रुचिता गोयल, अर्चना, सचिन, मुकेश त्यागी आदि रहे। इस मौके पर राहुल सेन, गोविंद, सागर, हर्ष, अभिनव आदि ने आयोजन में सहयोग किया। संचालन हिमाद्रि ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें