मुजफ्फरनगर। कांशीराम आवास के लिए आए आवेदनों की जांच में लापरवाही मिलने पर डूडा परियोजना अधिकारी ने करीब 1025 आवेदनों को दोबारा से जांच करने के लिए नगरपालिका में भेज दिया है। पालिका ने इन आवेदनों पर अपात्र होने का कारण नहीं लिखा और रिपोर्ट में जांच अधिकारी का नाम और साइन भी नहीं किए गए। डूडा परियोजना अधिकारी ने पालिका से तीन दिन में सभी अपात्र आवेदनों की जांच करते हुए रिपोर्ट मांगी है।
बुढ़ाना मोड़ पर खांजापुर गांव के समीप 500 कांशीराम आवास खाली पड़े हैं। इनका लाटरी से आवंटन किया जाना है, लेकिन नगरपालिका की लापरवाही के कारण पात्रों को आवास देने में देरी हो रही है। 500 कांशीराम आवास के लिए करीब 1500 आवेदन आए हैं। नगरपालिका को इन आवेदनों की जांच पूरी करते हुए डूडा विभाग को रिपोर्ट देनी थी। पालिका ने करीब 1500 आवेदनों की आफिस में बैठकर जांच पूरी कर दी। जांच करने के लिए टीम ने मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन भी नहीं किया। पालिका ने 1500 आवेदनों में से 475 लोगों को पात्र और करीब 1025 लोगों को अपात्र दर्शाते हुए डूडा विभाग को रिपोर्ट सौंप दी थी।
डूडा परियोजना अधिकारी धनप्रकाश ने रिपोर्ट देखी तो वे आश्चर्यचकित रह गए। जांच रिपोर्ट में दर्शाए गए अपात्रों का कारण नहीं लिखा गया। वहीं जांच रिपोर्ट पर जांच अधिकारी का नाम और साइन भी नहीं किया गया। डूडा परियोजना अधिकारी ने इस मामले की शिकायत डीएम से भी की। डूडा परियोजना अधिकारी का कहना है कि नगर पालिका द्वारा भेजे गये सभी अपात्रों के आवेदनों को दोबारा से जांच करने के लिए भेज दिया गया है। नगर पालिका ने तीन दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई है।