मुजफ्फरनगर। जमीयत-उलेमा-ए-हिंद ने देश में अमन-चैन के लिए शांति मार्च निकाला। वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी में सबने हिस्सा लिया था। आज वक्त की जरूरत है कि लोग आपसी सौहार्द और एकता के लिए आवाज बुलंद करें।
रविवार को संगठन के महासचिव कारी जाकिर हुसैन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शांति मार्च निकाला। मार्च का आगाज मीनाक्षी चौक से किया गया। यहां वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी में उलेमा का बड़ा योगदान है। देश के बंटवारे के वक्त भी उलेमा-ए-हिंद ने हिंदुस्तान नहीं छोड़ने का संकल्प लिया था। कारी जाकिर हुसैन ने कहा कि देश दुश्मन ताकतों की नजर में खटक रहा है। देशवासियों को चाहिए कि आपसी मतभेद मिटाकर एक साथ रहा जाए और दुश्मनों से मुकाबला किया जाए। मुफ्ती बिन यामीन, मौलाना अब्दुल खालिक, कारी अब्दुल माजिद ने कहा कि दुश्मनों से निपटने के लिए देश में एकता जरूरी है। इसके बाद, मीनाक्षी चौक, शिव चौक से होते मार्च निकाला गया। हाथों में तख्तियां लेकर चल रहे कार्यकर्ताओं ने नागरिकों को आपसी सौहार्द और प्रेम का संदेश दिया। शहर के अलावा भी पुरकाजी, शाहपुर, बुढ़ाना, चरथावल, जानसठ, मीरापुर, मोरना आदि क्षेत्रों में भी जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने शांति मार्च निकाला। शहर में शांति मार्च कलक्ट्रेट पहुंचकर सम्पन्न हुआ। डॉ अखलाक, मौलाना हसीब, मौलाना हुसैन, कारी अमीर आलम, डॉ अकरम, कारी सादिक, हाजिफ यूसुफ, डॉ अब्दुल अलीम, हाफिज फुरकान, पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, अशोक बालियान, महफूज राणा, वरिष्ठ सपा नेता प्रमोद त्यागी, रणधीर सिंह, राव लियाकत आदि मौजूद रहे।