जीवन को धर्म के साथ जीयें : ज्ञानसागर
मुजफ्फरनगर। जैन मुनि ज्ञानसागर जी महाराज ने कहा कि जीवन को धर्म के साथ जीयें, तभी विवेक की ज्योति जगेगी। आज के व्यक्ति की इच्छाओं का आदि तो है पर अंत नहीं है।
दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र वहलना में मंगल प्रवचन करते हुए आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज ने कहा कि जीवन जीने की कला का ज्ञान हर किसी को नहीं मिलता। जीवन में विवेक की ज्योति जगाने के लिए धर्म का साथ निभाएं। धर्म के अनुपालन से ही स्वभाव की बुराइयां समाप्त होती हैं। भोग में सुख नहीं है, संसार दुखमय है, शरीर नश्वर है। यही संवेग भावना बता रही है। ज्ञानी व्यक्ति संसार के दुखों से छुटकारा पाने के लिए सतत साधना किया करता है। आपदा, अति वृष्टि, भूकंप, आंधी-तूफान, बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
संसार की विचित्रता को जानकर ही ज्ञानी व्यक्ति अपनी वैराग्य वृत्ति को बढ़ाता है। मंगलाचरण डॉ. जयकुमार जैन ने किया। राजस्थान के टोंक से आए अधिवक्ता सुरेंद्र मोहन ने बताया कि एक अक्तूबर को वहलना में ऑल इंडिया एडवोकेट कांफ्रेंस होगी। पूजा जैन ने गुरुभक्ति का भजन प्रस्तुत किया। संचालन महामंत्री राजकुमार जैन ने किया।