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शिया सोगवारों ने निकाला मातमी जुलूस

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शिया सोगवार जार जार रोए
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मुजफ्फरनगर। मुहर्रम की पांचवीं तारीख को शिया सोगवारों ने मातमी जुलूस निकाला। जुलूस में सोगवारों ने शोक जताया और करबला का वाकया याद किया। इस दौरान शिया सोगवार जार-जार रोए। जुलूस में बच्चों सेे लेकर बुजुर्गों तक शामिल हुए, जिन्होंने ने मातम किया। इसके बाद शहर में कई स्थानों पर मजलिस हुई। मौलाना ने खिताब फरमाते हुए मुहर्रम की फजीलत बयां की।
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मंगलवार को अंजुमन दुआ-ए-जेहरा कमेटी ने मुहर्रम का मातमी जुलूस निकाला। मातमी जुलूस बकरा मार्केट से प्रारंभ होकर सैयदान, लोहिया बाजार, कस्सावान, खालापार, अबूपुरा, पंचदरा सादात, इमाम बारगाह से खालापार से गुजरता हुआ इमाम बारगाह आरफी खादरवाला में संपन्न हुआ। जुलूस में शिया सोगवारों ने मातम किया और हजरत इमाम हुसैन साहब की कुर्बानी को याद किया। इस दौरान जुलजुनाह अलम बरामद किया गया। जुलूस में मोहम्मद जमा असकरी, सोनू, आबिद हुसैन, आरिफ, शाह आजम, जफर, शबी हैदर, शब्बी अब्बास आदि ने नोहा ख्वानी की। मर्सियाख्वानी डॉ इकबाल हुसैन, नुसरत हुसैन, अख्तर हुसैन आदि द्वारा की गई। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने भी कड़ी चौकसी रखी। इसके बाद हुई मजलिस में मौलाना सत्तर हुसैन ने हजरत इमाम हुसैन के जीवन पर रोशनी डाली और शांति के लिए दुआएं कराई। मौलाना ने फरमाया कि दीन, इंसानियत के लिए हजरत इमाम हुसैन ने अपने खानदान के साथ कर्बला में शहीद हो गए। उनकी शहादत को याद कर सोगवार जार-जार रोए। इंतजार जैदी ने बताया कि बुधवार को जुलूस के बाद जुलजुनाह बरामद किया जाएगा।
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