बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए प्रशिक्षण
मुजफ्फरनगर। स्टेपिंग स्टोंस स्कूल में सीबीएसई से संबंधित स्कूलों के अध्यापक और अध्यापिकाओं की कार्यशाला का आयोजन हुआ। लीना कपूर ने टीचर्स को कुछ महत्वपूर्ण बातों से अवगत कराया।
प्रशिक्षित ट्रेनर ने बताया कि किस तरह हमें बच्चों की प्रतिभा को निखार सकते हैं। शिक्षक की बात सही तरीके से समझ आए इस तरह का मेथर्ड होना चाहिए। ट्रेनिंग लेने वालों में जिले के सभी पब्लिक स्कूलों के 21 चुनिंदा टीचर शामिल रहे। इनमें विनोद कुमार, स्नेहा, छवि बालियान, प्रिया, कविता, प्रज्ञा, मोनिका, रुचि शर्मा, स्वाति त्यागी, सोनिया, रेनू त्यागी, स्वाति, नुसरत, अल्का अरोरा, नेहा गर्ग, अजीत कुमार, अंतरेश, रुचि, अभिलाषा, गीता, मनीषा, एस सैनी, मंजू चौधरी, स्वाति चतुर्वेदी, रश्मि, सतीश, आयुषी गुप्ता, प्रदीप, अंशु शर्मा, मलीहा, गजल, वंदना शर्मा, सुरप्रीत, रीना कर्णवाल, राखी पाल, ममता, पारुल, सुरभि तायल, दीपक जैना आदि रहे। कार्यशाला में अंग्रेजी को प्रभावशाली बनाने, शैक्षिक नेतृत्व, प्रबंधन प्रशिक्षण आदि के बारे में बताया गया। स्कूल के एसके बंसल ने रत्ना सागर प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग की सराहना की। सोनिया बंसल आदि का सहयोग रहा।
बायो ऊर्जा एवं अपशिष्ट प्रबंधन पर गोष्ठी
मुजफ्फरनगर। एसडी इंजीनियरिंग एंड टेक्नालाजी में बायो ऊर्जा एवं अवशिष्ट प्रबंधन विषय पर गोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर सीवी मजूमदार ने कहा कि ऊर्जा संकट के समाधान के लिए जेट्रोपा सीड्स जो बायोडीजल का मुख्य अवयव है, उसकी खेती को बढ़ावा देना चाहिए। विशिष्ट अतिथि एमपी शर्मा ने कहा कि वैकल्पिक ऊर्जा समय की आवश्यकता है। आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर एसके भटनागर, सरदार पटेल विश्व विद्यालय के पी पांडेय, विनोद संगल, कॉलेज के अधिशासी निदेशक डॉ एसएन चौहान ने विचार रखे।
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