सोलानी में पानी बढ़ने से लोग भयभीत
पुरकाजी। सोलानी नदी में छोड़ा गया पानी खादर क्षेत्र के कई गांवों में घुस गया है। जिससे करीब आधा दर्जन गांवों के लिंक मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। ग्रामीण बाढ़ के खतरे को लेकर भयभीत हैं।
बृहस्पतिवार को उत्तराखंड से सोलानी नदी में अचानक आया पानी क्षेत्र के ग्राम रामनगर, रजगल्लापुर, फरकपुर, चानचक, अलमावाला, जिंदावाला आदि में घुस गया। जिससे गांव के लिंक मार्गों पर आवागमन ठप हो गया। ग्रामीणों को नाव का सहारा लेकर आना जाना पड़ा। शुक्रवार को पानी बढ़ जाने से शेरपुर रपटे पर भी पानी आ गया। जिससे दुपहिया वाहनों पर भी ब्रेक लग गया। खानपुर व लक्सर उत्तराखंड आदि जगहों पर जाने वाले ग्रामीणों को ट्रैक्टर आदि में लादकर दुपहिया वाहनों को पानी के पार ले जाना पड़ा। पानी के लगातार बढ़ने से ग्रामीणों में बाढ़ के खतरे को लेकर भय बना हुआ है।
नाव बदलने की मांग
ग्राम रामनगर प्रधान के पति रजनीश गुर्जर, ग्राम भदौला प्रधान के पति बिजेंद्र सिंह, ग्रामीण राजू, सतपाल आदि का कहना है कि जो नाव वहां पर लगाई गई है। उसमें जगह जगह पर छेद हो जाने से उसकी हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। उसमें बार बार पानी भर जाने से हादसा होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाव बदलने की मांग की है।
पानी आ जाने से स्कूल हुए बंद
पुरकाजी। शुक्रवार को पानी बढ़ जाने से ग्राम रामनगर, रजगल्लापुर, चमरावाला, अलमावाला, चानचक आदि के स्कूलों में अध्यापक व बच्चे ना आने से स्कूल बंद रहे।
ग्राम रामनगर उच्च प्राथमिक स्कूल है जिसमें मात्र 17 बच्चे हैं। पानी बढ़ जाने से ना तो अध्यापक ही स्कूल पहुंच पाए और ना ही बच्चे। इस संबंध में अध्यापक बिजेंद्र कुमार का कहना है कि पानी बढ़ जाने से स्कूल नहीं जा पाए। उधर, रजगल्लापुर जूनियर हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक राजबीर का कहना है कि स्कूल में पानी भर गया था। जिस कारण स्कूल बंद रखकर गांव के एक घेर में बच्चों को पढ़ाना पड़ा है। ग्राम प्रधान के पति रजनीश गुर्जर का कहना है कि गत सप्ताह भी पानी बढ़ जाने से स्कूल बंद रहे थे। इसके अलावा ग्राम चमरावाला में सवेरे स्कूल खोला गया जो थोड़ी देर बाद ही पानी बढ़ जाने पर बंद कर दिया गया। इसके अलावा किसान इंटर कालेज शेरपुर सहित प्राईवेट स्कूलों में भी सवेरे 11 बजे ही छुट्टी कर दी गई। खालसा पब्लिक स्कूल शेरपुर के संचालक गुरमीत सिंह का कहना है कि स्कूल आने वाले बच्चे आसपास गांव के हैं और रास्तों में पानी आ जाने पर उनकी जल्दी छुट्टी करना पड़ी।