अफसरों ने दो-दो जगह ले रखे हैं सरकारी घर
मुजफ्फरनगर। अधिकारियों की तैनाती तहसील में हो गई, लेकिन जिले का मोह नहीं छोड़ सके। तहसील स्तर पर तैनात अधिकारियों ने तहसील के साथ जिले में भी सरकारी आवासों पर कब्जा जमाए रखा। आरटीआई लगने के बाद मामले का खुलासा हुआ। इस पर अधिकारियों ने आनन-फानन में जिला स्तर पर दिए गए आवास आवंटन को निरस्त किया।
पूर्व लेखपाल जयभगवान पुत्र चंद्रभान ने जन सूचना अधिकार के तहत एक अप्रैल 2016 को सवाल किया कि जानसठ एसडीएम उमेश मिश्रा (वर्तमान तैनाती बिजनौर) को जानसठ तहसील में आवास मिलने के साथ जिला कम्पाउंड में आवास देने, किन-किन अधिकारियों के कार्यकाल में एसडीएम उमेश मिश्रा को दो आवास दिए गए, साथ ही किस नियय-आदेश के तहत ऐसा किया गया। आरटीआई लगने के बाद आला अधिकारियों की आंखें खुल गईं। प्रशासनिक आधिकारियों ने 16 मई 2016 को जयभगवान को पत्र भेजकर बिंदुओं पर सही जानकारी देने से हाथ खड़े कर दिए। बाद में जयभगवान ने जन सूचना अधिकार के तहत डीएम कार्यालय में अपील लगाई। इसके बाद अधिकारियों में दो स्थानों पर आवास कब्जाने को लेकर हड़कंप मच गया। जयभगवान ने बताया कि आनन-फानन में अधिकारियों ने मामले से बचने के लिए बैकडेट में पत्र जारी किया। जिसमें बुढ़ाना एसडीएम श्याम अवध चौहान से बी-10 शास्त्रीनगर मुजफ्फरनगर, उमेश कुमार मिश्रा एसडीएम जानसठ से टाइप-4 (प्रथम तल) राजस्व आवास तहसील सदर परिसर, एसडीएम खतौली शीतल प्रसाद गुप्ता (वर्तमान एसडीएम सदर) से टी-4/90 नियोजन परिसर मुजफ्फरनगर और तहसीलदार खतौली अमित कुमार से टी-3/6 योगेंद्र पुरी, तारकोल गोदाम परिसर के आवंटित आवास निरस्त किए गए।