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टेंडरिंग की फाइलों में अटका नया बस अड्डा

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टेंडरिंग की फाइलों में अटका नया बस अड्डा
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मुजफ्फरनगर। जनपद में बनने वाले नए रोडवेज बस अड्डे की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। निर्माण कार्य टेंडरिंग की फाइलों में अटक गया है। मुख्यालय की सुस्ती के कारण कचहरी मार्ग को अभी जाम से मुक्ति नहीं मिलेगी। हालांकि एसडी इंटर कॉलेज रोड पर जाम रहने से जिले के आला अफसरों ने भी कई बार एतराज जताया है।
ट्रांसपोर्ट नगर में आधुनिक रोडवेज बस स्टैंड बनाए जाने के लिए परिवहन निगम ने जमीन खरीद ली है। जमीन का बैनामा होने के बाद इस पर बिल्डिंग का कार्य कराने पर मुख्यालय की सुस्ती रोड़ा बनी हुई है। नए वर्ष में इसके निर्माण कार्य शुुरू होने की उम्मीदें थीं, लेकिन अभी तक टेंडर नहीं छोड़े जा सके हैं। जिसके चलते बस अड्डा खटाई में पड़ गया है। हालांकि एसडी इंटर कॉलेज और कचहरी रोड रोडवेज बसों के कारण जाम से हलकान रहता है। अब कॉलेज का सत्र भी शुरू हो चला है, जिसके कारण जाम के हालात अधिक बुरे रहते हैं।
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डिपो पर मेरठ-भैंसाली, सहारनुपर, कौशांबी, बिजनौर आदि क्षेत्रों की बसों का आगमन-प्रस्थान रहता है। जिसके चलते डिपो पर जगह कम पड़ गई है। इससे रोड भी जाम रहने से परेशानी होती है। वहीं, नए बस स्टैंड को लेकर मुख्यालय से चाहरदीवारी के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल यह भी अटकी हुई है। ऐसे में परिवहन निगम की बसों को डिपो में ही खड़ा कराना पड़ रहा है। 24 घंटे जाम जैसे हालात बने रहने से आला अफसरों ने भी डिपो पर नाराजगी जाहिर की है। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि नए बस स्टैंड के लिए चाहरदीवारी का टेंडर छोड़ा जाना है। यह प्रक्रिया मुख्यालय पर हो रही है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने के बाद आगे की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
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सड़क पर खड़ी होती हैं बसें
रात्रि में हालात ऐसे होते हैं कि बसों को डिपो में खड़ी होने की जगह नहीं मिलती है। जिसके चलते उन्हें डिपो के बाहर सड़क किनारे पर खड़ी करना पड़ता है। इससे बसों की सुरक्षा भी खतरे में है, क्योंकि डिपो के पास निगम की 138 तथा 60 से अधिक अनुबंधित बसे हैं। वहीं, अन्य डिपो की रात्रि ट्रिप वाली बसें भी यहीं पर खड़ी होती है। डिपो अधिकारियों ने नया रूट बनाया है, अब मुजफ्फरनगर से देवबंद वाया लखनौती होते हुए बस हरिद्वार चलाई जाएंगी। इस मार्ग पर डिपो से तीन बसों को लगाया गया है। अब देवबंद से हरिद्वार मार्ग पर भी बसें दौड़ेंगी। इससे डिपो की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
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