अमरनाथ हमला नफरतों को हवा देने की साजिश
मुजफ्फरनगर। जमीयत उलमा ने कश्मीर में अमरनाथ तीर्थ यात्रियों पर हुए अमले की कड़े शब्दों में निंदा की। जिला सचिव शाहिद त्यागी ने कहा कि ये हमला मुल्क में नफरतों को हवा देने की गहरी साजिश है।
नुमाइश कैंप स्थित मस्जिद परिसर में कैंप कार्यालय में हुई बैठक में त्यागी ने कहा कि मुल्क में अमन एवं अमान जारी रखने के लिए आपसी भाईचारे की जरूरत है। मजहबी रसूमात के लिए जाने वाले यात्रियों पर हमला इंतिहाई शर्मनाक और गैर इंसानी अमल है। इसके साथ ही गोकशी के नाम पर मुसलमानों के साथ हो रही ज्यादती की निंदा की गई। जमीयत यह मांग करता है कि खालापार और शेरपुर में बेकसूरों पर कार्रवाई न की जाए।
उन्होंने जिले की जनता खासतौर पर मस्जिदों के सभी इमामों से अपील की है कि हिंदू भाइयों की कांवड़ यात्रा में अहतियात बरतें। यात्रियों का ख्याल रखें और उनकी यात्रा में बाधा न बनें। कुछ असामाजिक तत्व भाईचारा और अमनोअमान को बर्बाद करने पर तुले हैं। सुबाई नायब सदर नजर मोहम्मद ने कहा कि जमीयत उलमा ने हमेशा कौमों मिल्लत के लिए कुर्बानी पेश की है। फिजा में जहर घोलने वालों से सावधान रहें। ताहिर कासमी, अजीजुर्रहमान, मुकर्रम कासमी, मुदस्सिर कासमी, इकराम कस्सार, अहसान, यामीन, कासिम, खालिद जाहिद, आसिफ राही ने विचार रखे।
मुस्लिमों ने आतंकवाद के खिलाफ प्रदर्शन किया
मुजफ्फरनगर। चुंगी नंबर दो पर एकत्र होकर मुस्लिम समाज के लोगों ने कश्मीर के अनंतनाग में हुए आतंकी हमले का विरोध किया। अमर नाथ यात्रियों पर हमले के विरोध में प्रदर्शन किया। मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। सूफी आस मोहम्मद, जब्बार अहमद, नाजिम अली, न्याज अहमद, वाजिद अली आदि शामिल रहे।