काली नदी में उफान से दहशत
मुजफ्फरनगर। शहर के बाहरी पश्चिमी छोर से गुजरने वाली काली नदी लगातार बारिश व हरियाणा के बैराज से छोड़े गए पानी के चलते उफना गई है। किनारों को तोड़ नदी का पानी बाहरी बस्तियों में घुसने के आसार हैं, जिसके चलते दर्जनों घर खतरे की जद में आ गए हैं। बावजूद इसके अब तक प्रशासन की ओर से काली नदी के खतरे को लेकर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है।
गांव मिमलाना से होकर शहर क्षेत्र में प्रवेश करने वाली अति प्राचीन काली नदी लगातार हो रही बारिश के साथ ही हरियाणा के बैराज से छोड़े जाने वाले पानी के चलते उफनाने लगी है। शहर से सटे गांव न्याजूपुरा के साथ ही मोहल्ला दक्षिणी कृष्णापुरी व खालापार में काली नदी अपने तटबंध को तोड़ बाहरी बस्तियों में घुसने पर आमादा है, जिसके चलते इन इलाकों में नदी के पास बनी बस्तियों में रहने वाले लोग खौफजदा होने लगे हैं। न्याजूपुरा में काली नदी का पानी गुलिस्तां, राजू, हुमेरा, शबाना व अन्य लोगों के घरों के दरवाजे तक जा पहुंचा है। वहीं, गांव के नदी किनारे खेतों में भी करीब एक फीट तक तपानी पहुंच चुका है, जिससे क्षेत्र के किसान भी फसलों के नुकसान को लेकर आशंकित हैं। काली नदी का जलस्तर बढ़ऩे से प्रभावित हुए लोगों ने बताया कि शनिवार की रात से नदी का पानी बढ़ऩे लगा था, जो लगातार बढ़ रहा है। नदी का पानी बढ़ने से नदी पार कर दूसरी तरफ खेतों में जाने वाले किसान व मजदूरों ने भी फिलहाल काम पर जाना बंद कर दिया है, जिससे उनके समक्ष रोजी-रोटी की समस्या भी उत्पन्न होने लगी है। लोगों का कहना है कि इस बार लगातार बारिश होने से काली नदी का जलस्तर कई साल बाद किनारों को तोडऩे की स्थिति में पहुंचा है, लेकिन इसके बावजूद अब तक किसी भी प्रशासनिक अफसर ने इसकी सुध लेने का प्रयास तक नहीं किया है। वहीं, सिंचाई विभाग के अफसरों का दावा है कि काली नदी से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए पत्थरों के तटबंध कई स्थानों पर बनवाए गए हैं। इसके बावजूद स्थिति पर नजर रखी जा रही है और फिलहाल हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।