मुजफ्फरनगर। कथा व्यास सीताराम त्रिपाठी ने कहा कि भगवान तो भाव के भूखे हैं। उन्हें सच्चे हृदय से पुकारों तो वे कष्ट हर लेते हैं। महाराज श्री ने रुकमणि विवाह का सुंदर वर्णन किया। कथा स्थल पर विवाह का कार्यक्रम भी हुआ।
आर्य कन्या इंटर कॉलेज में चल रही भागवत कथा में पंडित सीताराम त्रिपाठी ने कहा कि श्रीकृष्ण अपनी बाल लीलाओं से ही भक्तों की कठिनाईयों को दूर करते हैं और राक्षसों का वध करते हैं। पूतना जैसी राक्षस को बाल्यकाल में ही मार देते हैं। श्रीकृष्ण भक्तों की पुकार सुनते हैं। भक्त संकट में होता है तो उसके संकट हरण का काम करते हैं। कथा व्यास ने रुकमणि विवाह का प्रसंग सुनाया और विवाह का कार्यक्रम भी कथा स्थल पर हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भगवान श्रीकृष्ण के भजन भी प्रस्तुत हुए। कार्यक्रम में अशोक गर्ग, बोबी शर्मा, पंकज गोयल, विकास राजवंशी, विशाल राजवंशी, राघव गर्ग, तपन गर्ग, मयंक गर्ग, शोभित मित्तल, प्रतीक, अंकुर सिंघल, संजय शर्मा, लक्की, राजन, अनुराग शर्मा, प्रियांशु गर्ग, प्रिसं गर्ग, दीपक गोयल, राघव गोयल, संदीप, आशीष, आकाश वर्मा, मोहित गोयल, मोनू आदि रहे।