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वेदों से मिलेगी राष्ट्र को दिशा: डॉ वेदप्रकाश

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वेदों से मिलेगी राष्ट्र को दिशा
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मुजफ्फरनगर। वेद मनीषी डॉ वेदप्रकाश ने कहा कि वैदिक ज्ञान की श्रेष्ठता समाज और राष्ट्र के लिए हितकारी है। विपरीत ज्ञान व्यक्ति को भ्रष्ट और विनाशक बनाता है।
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सरकुलर रोड स्थित संतोष विहार में मेरठ कॉलेज मेरठ के पूर्व हिंदी प्रवक्ता डॉ वेदप्रकाश को वैदिक सेवाओं के लिए आचार्य गुरुदत्त आर्य ने अभिनंदन किया। इस मौके पर डॉ वेदप्रकाश ने कहा कि वैदिक शिक्षा ईश्वर प्रदत्त और सर्वश्रेष्ठ है। वेदों में प्राणीमात्र के कल्याण का सिद्धांत समाहित है। बुद्धि संगत, वैज्ञानिक और सृष्टि के लिए कल्याणकारक ज्ञान-विज्ञान विश्व ने वेदों से सीखा है। महर्षि दयानंद सरस्वती ने वेद मत के आधार पर राष्ट्र को नई दिशा दी थी। वेदों की उपेक्षा से समाज में अनर्थ बढ़ा है। बालक जन्म के समय मां शब्द का उच्चारण करता है, यह क्रिया ईश्वर प्रदत्त है। वैदिक कर्म, वेद और वेद का अपमान नहीं करना चाहिए। स्वामी योगानंद सरस्वती ने कहा कि यज्ञ संस्कृति का आधार है। ईश्वर स्तुति का मुख्य कर्म है। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि देश में सदाचार, चरित्र, धर्म और राष्ट्र भक्ति, माता-पिता की सेवा, सत्य एवं मर्यादा का आचरण आदि गुणों को धारण करने के लिए वैदिक संस्कृति का अनुगामी बने। बाबू मंगत सिंह आर्य, सहदेव सिंह आर्य, सत्यव्रत धीमान, यशपाल मलिक, आनंद पाल सिंह, आरपी शर्मा, देवी सिंह आर्य, डॉ नरेंद्र सिंह देशावर, इंजीनियर कर्ण सिंह, गजेंद्र राणा, सोमपाल सिंह आर्य, सुरेंद्रपाल सिंह आर्य आदि मौजूद रहे।
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