हिंसा की आग में जल रहे तीन जिले मंगलवार को अमन की राह पर बढ़ते नजर आए।
मुजफ्फरनगर के शहरी इलाके में हालात तेजी से सामान्य होने लगे हैं जबकि गांवों में तनाव को देखते हुए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
प्रशासन ने मंगलवार को कर्फ्यू में ढाई घंटे ढील दी। शहर में शांति रही। हालांकि मीरापुर, शाहपुर, ककरौली और भौराकलां क्षेत्र में पांच और लाशें बरामद हुईं। इन लोगों की हत्या धारदार हथियारों से की गई थी।
तीन दिन पहले भोपा रोड पर हापुड़ के युवक की हत्या को भी पुलिस छिपाए रही। शामली में एक अधेड़ की हत्या कर दी गई। इस प्रकार पिछले चार दिनों में मरने वालों की संख्या 47 हो गई है।
लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में हालात पर चर्चा की और साफ किया कि दंगाइयों के साथ किसी तरह की रियायत नहीं होगी।
उधर, सपा सुप्रीमो मुलायम ने भी अखिलेश सरकार का बचाव करते हुए कहा कि यह सांप्रदायिक दंगा नहीं बल्कि जातिगत संघर्ष है।
प्रशासन ने मंगलवार देर शाम तक 975 लोगों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। एडीजी (कानून-व्यवस्था) अरुण कुमार ने देर शाम कुल 34 मौतों की पुष्टि की है।
मंगलवार को सुरक्षा बलों की 13 और कंपनियां यहां पहुंच गई हैं। बवाल को लेकर दस और मुकदमे दर्ज किए गए हैं। अफसरों का दावा है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है।
मीरापुर थाना क्षेत्र के सिखरेड़ा गांव में मंगलवार सुबह एक युवक का शव मिलने से तनातनी बढ़ गई। ससुराल से अपने गांव लौटते वक्त चाकुओं से गोदकर उसका शव जंगल में फेंक दिया गया था।
शाहपुर थाना क्षेत्र के शोरम गांव के रजवाहे में अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ। हापुड़ के युवक की हत्या पुलिस छिपाए रही। जिले में हिंसा में घायल 67 लोगों का इलाज चल रहा है।
आईजी कानून व्यवस्था राजकुमार विश्वकर्मा ने दावा किया कि सख्ती ने उपद्रवियों पर लगाम कसने से स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है।
शामली में मंगलवार को झिंझाना थाना क्षेत्र के हरसाणा गांव में काठा नदी के पुल पर अधेड़ ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि थानाभवन के हसनपुर ऊन मार्ग के निकट खेत पर काम कर रहे किसान को नकाबपोश बदमाशों ने चाकू मारकर घायल कर दिया।
शामली शहर में सोमवार देर रात फायरिंग और पथराव के साथ पेट्रोल बम भी फेंके गए। पुलिस ने कई घरों में दबिश डालकर असलहे बरामद किए।
बागपत के भड़ल में मंगलवार सुबह घर में सो रहे ग्रामीण को बलकटी के वार से गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। बावली गांव में सोमवार देर रात दो घरों में आग लगा दी गई और दो अन्य घरों में तोड़फोड़ की गई।
बामनौली गांव में पांच सितंबर की रात हमले में गंभीर रूप से घायल महिला की मंगलवार सुबह मौत हो गई। सूप में सोमवार रात दो युवकों पर हमले के बाद गांव से लगभग 100 परिवार पलायन कर गए।
कार्रवाईः-
कुल गिरफ्तारी----975 (धारा 151 में)
निरोधात्मक कार्रवाई----सात हजार (धारा 107/116 के तहत)
शस्त्र लाइसेंस निरस्त----1820
एनएस लगा----पांच पर (चार और पर लगाने की कार्रवाई चल रही)