हिंसा की आग में झुलस रहे मुजफ्फरनगर में छठे दिन हिंसक वारदात तो नहीं हुई, लेकिन सहारनपुर के एक चालक की लाश बरामद हुई है।
इलाके में बृहस्पतिवार को कर्फ्यू में नौ घंटे की ढील दी गई। इस दौरान लोग अपने कामकाज में जुटे रहे। दंगा प्रभावित इलाकों से लापता लोगों की संख्या चार तक पहुंच गई है।
इधर डीजीपी देवराज नागर ने कवाल कांड को लेकर कथित वीडियो क्लिप प्रचारित करने वालों का पता देने वालों को एक लाख रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
मिलिट्री और सुरक्षा बलों की मौजूदगी में लोगों के दिलों-दिमाग में बैठी दहशत धीरे-धीरे मिटने लगी है। शहर में बृहस्पतिवार को कर्फ्यू खुला तो सब कुछ सामान्य दिनों की तरह रहा।
बाजार पूरी तरह खुले और लोग नफरत को भूलकर अपने कामकाज में मशगूल रहे। पहले कर्फ्यू में सुबह दस बजे से लेकर पांच बजे तक की छूट दी गई, जिस कारण साढे़ चार बजे के करीब अधिकांश लोग अपने प्रतिष्ठान बंद कर लौटने शुरू हो गए।
पौने पांच बजे के करीब प्रशासन ने ढील की अवधि दो घंटे और बढ़ाकर रात सात बजे कर दी। बाजार तो नहीं खुले, लेकिन सड़कों पर चहल पहल रही।
हालांकि शहर के कच्ची सड़क पर पूर्वाह्न में छेड़छाड़ का विरोध करने को लेकर दो पक्षों में गरमागरमी हो गई। आरएएफ के जवानों ने लाठियां फटकार कर लोगों को खदेड़ा। पुलिस दोनों पक्षों के पांच लोगों को उठाकर थाने ले आई।
देहात क्षेत्र में दिनचर्या पुराने ढर्रे पर लौट रही है। कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
इधर, सात सितंबर के उपद्रव में लापता हुए सहारनपुर गंगोह के शाहिद का शव लांक गांव के पास नहर से बरामद हो गया है।
मृतक छोटा हाथी लेकर फुगाना आया था। इसी दौरान वह हिंसा की भेंट चढ़ गया।
वहीं भोपा के किशनपुर का 38 साल निसार भी निरगाजनी में अमरूद के बाग से सात सितंबर से लापता है। लापता लोगों की संख्या तीन हो गई है।