यूपीए सरकार समाजवादी पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव पर मेहरबान हो गई है। संसद में खाद्य सुरक्षा बिल को पास कराने के एवज में केंद्र ने मुलायम के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई की जांच बंद कराने का आश्वासन दिया है।
मामले में याचिकाकर्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस और सपा में डील हुई, जिसके तहत मुलायम संसद में खाद्य सुरक्षा बिल को समर्थन देंगे और सीबीआई से आय से अधिक संपत्ति मामले में क्लोजर रिपोर्ट लगा देगी।
माना जा रहा है कि मुलायम और उनके परिजनों को आय से अधिक संपत्ति के मामले में मानसून सत्र से पहले ही क्लीन चिट दी जा सकती है।
गौरतलब है कि संसद मे खाद्य सुरक्षा बिल को पास कराने के लिए यूपीए सरकार को को समाजवादी पार्टी के समर्थन की सख्त जरूरत है।
इससे पहले बताया जा रहा था कि कांग्रेस के मैनेजरों ने मुलायम और अखिलेश को खाद्य सुरक्षा बिल के समर्थन के लिए तैयार कर लिया है और इसके बदले केंद्र सरकार, यूपी को लोकसभा चुनाव से पहले कुछ केंद्रीय सहायता देगी।
हालांकि विश्वनाथ चतुर्वेदी के आरोपों बाद मामले में नई तस्वीर ही उभर रही है। मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच के लिए विश्वनाथ चतुर्वेदी ने ही याचिका लगाई है।