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मुलायम-सपा के अलावा कौन है मुसलमानों का हमदर्द?

Wed, 25 Dec 2013 11:15 PM IST
अमर उजाला, रामपुर
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मुजफ्फरनगर के राहत शिविर को लेकर दिए गए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के बयान पर उठे सियासी बवाल पर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां उनके बचाव में उतर आए हैं।
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आजम खां ने कहा कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के बयान का गलत अर्थ निकाला जा रहा है। नेताजी ने राहत कैंप में रहने वालों को षड़यंत्रकारी नहीं कहा है। उनका इशारा तो ऐसी ताकतों की ओर था, जो वहां की स्थिति को सुधरने नहीं दे रही हैं, जिन्हें हम अपना नहीं कह सकते हैं।

रामपुर में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान आजम खां ने कहा कि मुलायम सिंह यादव मुसलमानों के सच्चे हमदर्द हैं। अगर सपा व मुलायम सिंह मुसलमानों के हमदर्द नहीं है तो क्या भाजपा, कांग्रेस व बसपा है। एक भी मुसलमान ऐसा नहीं कह सकता है कि नेताजी ने उनको षड़यंत्रकारी कहा हो।
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यह सोचने वाली बात है कि जब-जब सपा की सरकार बनती है ऐसी ताकतें सिर क्यों उठाने लगती हैं? मेरे ऊपर पर भी कई तरह के इल्जाम लगाए गए। हमने मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों से पूरी हमदर्दी रखी। उन ताकतों को निंदा की जिन्होंने ऐसा माहौल बनाया। हमारी पूरी हमदर्दी उन लोगों के साथ है जो राहत शिविरों से वापस चले गए, जो लोग वहां रह रहे हैं वो भी बराबर के दुखी हैं।

दंगा पीड़ितों की प्रदेश सरकार ने हर संभव मदद की है। मैं यह मानता हूं कि राहत कैंप में कुछ तकलीफ है, लेकिन हमारी कोशिश उसे पूरी संजीदगी से दूर करने की है।

राहुल की हमदर्दी समलैंगिकों के साथ
आजम खां ने कहा कि कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी मुजफ्फरनगर के राहत शिविरों में क्या करने जा रहे हैं? अगर उनको मुसलमानों से इतनी ही हमदर्दी है तो दंगा विरोधी बिल संसद में क्यों नहीं पास करवा रहे हैं? राहुल गांधी की हमदर्दी मुसलमानों के साथ नहीं बल्कि समलैंगिकों के साथ है।

क्या कहा था मुलायम सिंह ने
मुजफ्फरनगर के राहत शिविरों में षड़यंत्रकारी रहे हैं। ये षड़यंत्रकारी कांग्रेस और भाजपा के लोग हैं। ये लोग दंगा पीड़ितों को भड़का रहे हैं। कह रहे हैं कि धरना देते रहो, अपने घरों को न जाएं। इसका मकसद चुनावी फायदा लेना है।
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