बिलारी के भूड़ मरेशी गांव निवासी मृतक अधिवक्ता सुमित शर्मा का फाइल फोटो-स्रोत परिजन
बिलारी। भूड़ मरेशी गांव में बृहस्पतिवार सुबह रेलवे लाइन पार करते समय अधिवक्ता सुमित शर्मा (29) की मौत हो गई। तहसील बार एसोसिएशन ने शोकसभा आयोजित कर तहसील की सभी अदालतों में न्यायिक कार्य स्थगित रखा।
अधिवक्ता सुमित शर्मा अपने पैतृक गांव भूड़ मरेशी में पत्नी प्रीति शर्मा, चार वर्षीय बेटी नैना शर्मा और दो वर्षीय बेटे के साथ रह रहे थे। वह मुरादाबाद कचहरी और तहसील बिलारी में वकालत करते थे। लगभग दस माह पहले बिलारी में हाईवे पर सड़क हादसे में बाइक टकरा जाने से वह गंभीर घायल हो गए थे। कई माह तक इलाज कराने के बाद वह स्वस्थ हो पाए थे।बृहस्पतिवार सुबह लगभग 11 बजे सुमित शर्मा गांव के निकट होकर जा रही मुरादाबाद चंदौसी रेलवे लाइन पर भूड़ मरेशी रेलवे फाटक के निकट लाइन पार कर रहे थे। इसी दौरान मुरादाबाद से चंदौसी की ओर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए और ट्रेन से टकराकर उनकी मृत्यु हो गई।
ट्रेन हादसे में अधिवक्ता की मौत हो जाने की खबर मिलते ही उनके परिजन और अन्य ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अधिवक्ता का शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। सुमित शर्मा के पिता रामप्रकाश शर्मा वरिष्ठ अधिवक्ता हैं जो मुरादाबाद कचहरी में वकालत करते हैं उधर बृहस्पतिवार दोपहर तहसीलदार कार्यालय के सामने तहसील बार एसोसिएशन की शोकसभा भी की गई। शोकसभा में अधिवक्ता सुमित शर्मा की मौत की घटना पर गहरा दुख जताया गया और बिलारी तहसील की सभी अदालतों में न्यायिक कार्य स्थगित रखने का निर्णय लिया गया। सुमित शर्मा के परिवार में तीन बड़े भाई सतेंद्र शर्मा, मोनू शर्मा और सेंकी शर्मा भी हैं। इस हादसे की खबर मिलते ही सुमित की माता रेखा देवी और पत्नी प्रीति अन्य महिलाएं रोने लगीं।