सोमवार को मुरादाबाद के दौरे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देने के साथ जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों को कामकाज करने के तरीके का मंत्र भी दिया। बैठक में पार्टी प्रतिनिधियों से मुलाकात के समय उन्होंने कहा कि किसानों और युवाओं की नब्ज पर हाथ धरो। मंडी में जाकर फसलों के दामों का चार्ट बनाओ और किसानों को समझाओ कि एमएसपी बंद नहीं हुआ है। साथ ही युवाओं को बताओ कि सिविल सर्विसेज जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए सरकार ने अपने प्रदेश में ही निशुल्क कोचिंग की योजना लागू की है। ये दोनों सध गए तो समझो राह आसान हो गई।
श्रमिक परिवारों की बेटियों के सामूहिक विवाह समारोह में भाग लेने आए सर्किट हाउस में पहले मंत्रियों, विधायकों, अन्य जनप्रतिनिधियों और उसके बाद सभी संगठन पदाधिकारियों से रूबरू हुए। उन्होंने सभी मंत्रियों और विधायकों से कहा कि श्रमिकों की बेटियों के विवाह के इसी तरह के कार्यक्रम और जिलों में भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने संगठन की बैठक में ज्यादा जोर इस पर दिया कि सरकार की योजनाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाए।
कहा कि इसके लिए होमवर्क पूरा कर लें। मंडियों में जाएं और उसके बाद किसानों के बीच जाकर बात करें। बताएं कि नए कृषि कानूनों में किसान विरोधी कुछ भी नहीं है। इसके लिए पसीना बहाना होगा। उन्हें बार बार समझाना होगा। इसके अलावा युवाओं पर फोकस करना होगा। खास तौर से छात्रों पर फोकस करने को कहा। उन्होंने अभ्युदय योजना का ज्यादा से ज्यादा प्रचार करने का कहा। बताया कि इस योजना के तहत सिविल सर्विसेज की तैयारियां युवाओं को उनकेशहर में कराई जाएगी।
इसके लिए सरकार को अन्य राज्यों तक की राह पकड़नी पड़ती थी। इस योजना केबाद ऐसा नहीं होगा। निशुल्क उन्हें कोचिंग मिलेगा तो वे अपने कैरियर का निर्माण अपने जिले में रहकर ही कर सकते हैं। महिलाओं को भी जनहित की योजनाओं के बारे में बताने को कहा गया।
संगठन की बैठक में क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल, महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्र नाथ मिश्रा, जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान, नत्थूराम कश्यम, श्याम बिहारी शर्मा, दिनेश शीर्षपाल, हरज्ञान सिंह, विश्नोई, मीडिया प्रभारी महानगर राहुल सेठी, राजन विश्नोई, चंद्रपाल सैनी, मदालसा शर्मा, मनमोहन सैनी, धर्मेश सैनी आदि मौजूद रहे।
बेटियों के सामूहिक विवाह कराना मेरा सपना था
योगी आदित्यनाथ ने मंच से कहा कि जब वे सीएम नहीं बने थे तो एक दिन जनता की शिकायतें सुनते समय एक महिला उनकेपास आई। कहा कि धर्मशाला में एक कमरा दिला सकते हैं। पूछने पर पता चला कि वह अपनी बेटी की शादी कर रही है और बेचारी केपास कोई उचित व्यवस्था नहीं है। मैने उस महिला के बेटी का पूरा विवाह संपन्न कराया। तभी प्रण लिया कि कुछ करूंगा। सीएम बना तो बेटियों के सामूहिक विवाह की योजना बनाई। मेरा सपना आज इस रूप में फलीभूत हो रहा है।