मुरादाबाद। रेलवे स्टेडियम में सामाजिक और सांस्कृतिक पूर्वांचलवासी संस्था के तीन दिवसीय वसंतोत्सव के दूसरे दिन सोमवार की शाम सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में डूबी रही। कलाकारों ने गीत, नृत्य और नाट्य मंचन के माध्यम से पूर्वांचल संस्कृति के दर्शन कराए। इसके बाद कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने किया। लोकगीतों के साथ देशभक्ति के गीतों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। सरस्वती वंदना, कमला पूजा की गई। पटना से आए कलाकारों ने पूर्वांचल गौरव गान के बाद बिहार का मशहूर लोक जट-जटिन नृत्य मोर के मोर सुनके जटिन, सुख फुटानी और अमरा मडैया नीक लागेला झूमर नृत्य कर समां बांधा। ये गलियां ये चौबारा, देश रंगीला घर मोरे परदेशिया गाने पर किए नृत्य को देखकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं। कुमार उदय सिंह ने खई के मगहिया पान लोकगीत से दर्शकों का मन मोह लिया। अच्युतम केशवम, कृष्ण दामोदरम, दुल्हन चली पहन चली और भोजपुरी गीत हमरो गुलाबी दुपट्टा पर दी गई नृत्य प्रस्तुति को भी सराहा गया।
साहित्यकारों ने लूटी वाहवाही
नवगीतकार माहेश्वर तिवारी ने लौट आए गुलमोहर होते हुए दिन लौट आए, थिर हुए कल के लहर होते हुए दिन लौट आए गीत सुनाया। मक्खन मुरादाबादी ने गिद्ध और सब चीलें, लगी हई हैं लाशे गिर जाएं तो छीलें, मंसूर उस्मानी ने एक बोझ है दिल पर जो उठा भी नहीं सकता क्या बोझ है दिल पर वो बता भी नहीं सकता, डॉ. कृष्ण कुमार नाज ने जिंदगी की कशमकश ने सोख ली सारी मिठास मैं समंदर हूं मगर बेइंतिहा खारा हूं मैं अपनेपन के रेशमी धागों से मुझको बांध लो तू मेरा आकाश है तेरा ही ध्रुव तारा हूं मैं रचना सुनाई। योगेंद्र वर्मा व्योम ने मेरे भीतर भी गंगा बहती है कविता का मंचन किया। जिया जमीर ने ये तो हर लम्हा न राहत न सुकूं है रचना प्रस्तुत की।
काष्ठ कला के उत्पादों को किया पसंद
कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों के उत्पादों के प्रदर्शन के लिए स्टॉल लगाए गए हैं। बनारस की साड़ियां, पटना आर्ट कालेज की तरफ से बने कलाकृति, मधुबनी की पेंटिंग, महिलाओं के साज सज्जा, पटना से अचार, पापड़, जैम आदि के स्टाल लगे हैं। इसके अलावा बच्चे और बड़ों ने लिट्टी-चोखा, दिल्ली के गोलगप्पे और दही बल्ले का भी स्वाद लिया।
यह रहे मौजूद
उत्तर रेलवे से प्रशांत शर्मा, संतोष, एमपी चौबे, अमित दुबे, विवेक ठाकुर, उमेश भारती, डीबी सिंह, अंकित सिंह, क्रांति चौबे, एसएन सिंह, भूपेश सिंह, विशाल ठाकुर, निशांत शुक्ला, अमरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।