लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार और विधानसभा में बराबरी के मुकाबले के बाद सपा के गढ़ भेदने को सीएम योगी आदित्यनाथ आतुर दिख रहे हैं। यही वजह है कि पौने चार साल में मुरादाबाद के आठ दौरे कर डाले। इसमें लोकसभा चुनाव की हार के बाद चार दौरे शामिल हैं। बहाना चाहे जो भी हो, लेकिन असल मकसद सपा के गढ़ में चुनावी रण जीतना ही है। फिलहाल आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी को देखते हुए सिर्फ 66 दिनों में योगी सोमवार को दूसरी बार मुरादाबाद पहुंचे।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में मोदी की लहर में भाजपा बहुमत के साथ प्रदेश की सत्ता पर काबिज हो गई थी। लेकिन सपा के गढ़ कहे जाने वाले मुरादाबाद मंडल में पार्टी का मुकाबला बराबरी का था। यहां की 27 सीटों में से 14 पर भाजपा और 13 पर सपा काबिज है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में फिर मोदी का जादू चला। बहुमत के साथ पार्टी केंद्र की सत्ता पर दोबारा काबिज हुई। लेकिन मंडल में भाजपा का खाता नहीं खुल पाया। पार्टी सभी छह सीटें हार गई। इस हार के बाद सीएम योगी का मुरादाबाद मंडल पर फोकस है। लोकसभा चुनाव के बाद योगी चार बार मुरादाबाद आ चुके हैं। कभी कानून व्यवस्था की समीक्षा तो कभी पासिंग परेड और दूसरे कार्यक्रमों के बहाने ही सही मुख्यमंत्री मुरादाबाद में अपनी
उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं। सीएम बनने के बाद पौने चार साल में योगी आठ बार मुरादाबाद का दौरा कर चुके हैं। चुनावी रण जीतने के लिए हर बार पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक भी करते हैं।
सीएम बनने के मुरादाबाद में योगी के दौरे
- 15 फरवरी 2021: सामूहिक विवाह समारोह
- 12 दिसंबर 2020 : भाजपा पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक
- 24 नवंबर 2019 : अकादमी के पासिंग परेड में शामिल हुए
- 05 अप्रैल 2019 : टीएमयू में आयोजित कार्यक्रम में
- 30 जून 2019 : कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिए
- 08-09 जुलाई 2018 : दो दिवसीय दौरा
- 26 नवंबर 2017 : निकाय चुनाव में प्रचार के लिए
- 21 मई 2017 : कानून व्यवस्था की समीक्ष के लिए
मंडल में दलवार
लोकसभा की कुल सीट: 06
भाजपा-0 : सपा-03, बसपा- 03
विधानसभा की कुल सीट: 27
भाजपा-14 : सपा-13
नोट : वर्ष 2017 में रामपुर की स्वार सीट सपा के पास थी।