मुरादाबाद। रेलवे की बदइंतजामाी से प्रवासी मजदूर भूखे प्यासे ही सफर करने को मजबूर हैं। दो दिन पहले मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन के कोच संख्या बारह में न तो खाने के पैकेट बांटे गए और न ही पानी की बोतल। भूखे प्यासे यात्री खाना और पानी का इंतजार करते रहे, लेकि न ट्रेन कुछ ही बाद ट्रेन रवाना कर दी गई। इस मामले में रेलवे स्टेशन पर तैनात स्टाफ ने अफसरों से लिखित शिकायत की है। जिसमें कहा गया कि हर रोज इसी तरह का खेल किया जा रहा है। ट्रेन के एक दो कोच बिना खाने और पानी के ही रह जाते हैं।
रेलवे की बदइंतजामी का ये मामला दो दिन पहले का है। सोमवार शाम चार बजकर 24 मिनट पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन 04678 मुरादाबाद के प्लेट फार्म एक पर पहुंची। ट्रेन के पहुंचने के बाद खाने के पैकेट और पानी की बोतल प्लेट फार्म पर पहुंचाई गईं, जबकि निर्देश ये है कि ट्रेन के आने से पहले ही प्लेट फार्म पर कोचों के सामने पानी की बोतल और खाने के पैकेट रख लिए जाएं। ताकी बांटे में ज्यादा वक्त न लगे। शिकायती पत्र में कहा गया कि कोच संख्या बारह में न तो खाने के पैकेट बांटे गए और न ही पानी की बोतल। रेलवे कर्मचारियों ने इस मामले की शिकायत फोन द्वारा आईआरसीटीसी के मैनेजर से की। इसके बावजूद खाने के पैकेट और पानी की बोतल नहीं पहुंची। पंद्रह मिनट बाद ट्रेन आगे के लिए रवाना कर दी गई। रेलवे के एसीएम नरेश सिंह ने बताया कि मुरादाबाद रेल मंडल में जो ट्रेनें खाने के लिए आवंटित होती हैं। उन ही ट्रेनों में खाने के पैकेट और पानी की बोतल बांटी जाती है। दो दिन पहले गुजरी ट्रेन के कोच में खाना नहीं बांटा गया। इसकी मुझे जानकारी नहीं है।
प्लेट फार्म पर मीडिया की एंट्री रोकी
मुरादाबाद। रेलवे की बदइंतजामी लगातार उजागार हो रही है। यात्रियों को खाने के पैकेट बांटने की शिकायतें हों या फिर उन्हें बैठाने की व्यवस्था। ये सच सामने न आ सके । इसके लिए रेल अफसरो ने रेलवे स्टेशन के प्लेट फार्म पर मीडिया के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है।
रेलवे का दवा, तीन लाख यात्रियों को बांटे गए खाने के पैकेट और पानी की बोतलें
मुरादाबाद। मुरादाबाद रेल मंडल की सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा ने बताया कि मुरादाबाद रेल मंडल से अब तक 573 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें गुजारी जा चुकी हैं। इसमें 15 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें मुरादाबाद से रवाना की गई हैं। जबकि 49 ट्रेनें मंडल में टर्मिनेट हुई। मुरादाबाद रेल मंडल में अब तक तीन लाख श्रमिकों को खाने के पैकेट और पानी की बोतलों का वितरण कराया जा चुका है। मुरादाबाद, बरेली, सहारनपुर, संडीला समेत अन्य स्टेशनों पर भी खाने के पैकेट बांटे गए हैं।