मुरादाबाद। शहर की महिलाएं अपनी प्रतिभा और सकारात्मक सोच की बदौलत शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अलख जगा रही हैं। यह सिर्फ भाषण नहीं देती हैं, बल्कि दूसरों की प्रेरणा के लिए उदाहरण भी बन रही हैं। यह बच्चों को किताबों और फीस जमा कर उनके भविष्य में उजाला फैला रही हैं तो बीमार व्यक्तियों को उचित खानपान और सही दिनचर्या का मार्गदर्शन कर उनकी खुशियों की वजह बन रही हैं।
पांच सदस्यों से की थी शुरुआत
जैन सेवा समिति की अध्यक्ष नीलम जैन ने बताया कि पांच सदस्यों के साथ समिति का गठन 2018 में किया था। इसके बाद मैंने 2020 में पंजीकृत करा लिया। इसके द्वारा सभी समाज के वर्गों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। यदि इसी वर्ष की बात करें तो जुलाई माह में करीब 30 विद्यालयों में बच्चों को जूते, यूनिफॉर्म, फीस और किताबें वितरित की हैं। इसके अलावा कक्षा 11वीं और 12वीं के 45 बच्चों की फीस दी है। उन्होंने कहा कि हम विद्यालयों से पहले जरूरतमंद बच्चों की जानकारी ले लेते हैं और फिर उनकी मदद करते हैं। हमारा यही प्रयास है कि फीस के अभाव में बच्चों की पढ़ाई न छूटे।
खुद बीमार हुई, तब नियमित दिनचर्या का महत्व समझ में आया
कांशीराम नगर कालोनी निवासी मरियम वारसी ने बताया कि पहले सामाजिक कार्यों में सक्रिय होने की वजह से खानपान अनियमित था और वजन 95 किग्रा हो गया था। नौ वर्ष पहले स्थिति यह थी कि मुझसे चलने-फिरने में भी दिक्कत होती थी। पूरी तरह से व्हीलचेयर पर आ गई थी। लगातार उपचार से कोई फायदा नहीं होने की वजह से डिप्रेशन में चली गई और जिंदगी समाप्त करने के बारे में सोचने लगी। इसी बीच एक परिचित के कहने पर मैंने अपनी दिनचर्या व खानपान में बदलाव किया। इसकी बदौलत लगभग छह महीने में 22 किग्रा वजन कम किया। अब फ्री शिविर लगाकर लोगों को जागरूक कर रही हूं। अब तक करीब सौ महिलाओं को प्रेरित कर स्वस्थ जीवन तक पहुंचाने में मदद की है। जब वह महिलाएं हंसती-मुस्कुराती हैं तो बहुत सुकून मिलता है।