मुरादाबाद। मोरा की मिलक में बंदर का आतंक लगातार बना हुआ है। शनिवार रात घर में सो रहे राजेश पर बंदर ने हमला कर दिया। दोनों हाथों पर काटने से राजेश घायल हो गए। एक हाथ में 20 और दूसरे तीन टांके लगाने पड़े। घटना शनिवार रात करीब 11:30 बजे की है। गर्मी के कारण घर का दरवाजा खुला हुआ था। इसी दौरान बंदर खिड़की से घर के अंदर पहुंच गया। कमरे में सो रहे राजेश पर अचानक हमला करने के बाद वह भाग निकला।
राजेश की चीख सुनकर परिवार के लोग जाग गए। उन्होंने आसपास बंदर की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। ग्रामीणों के अनुसार पिछले करीब 25 दिनों में बंदर लगभग 20 लोगों को काट चुका है। तीन दिन पहले छत पर खेल रहे दो बच्चों पर भी बंदर ने हमला कर दिया था। करीब आठ दिन पहले 82 वर्षीय करण चौधरी को बंदर ने काटकर घायल कर दिया था। गंभीर चोट लगने पर दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में उनका ऑपरेशन कराया गया। देवराज, आबिद, इमरान और हिमांशु कुमार समेत कई लोग अब तक बंदर के हमले का शिकार हो चुके हैं। लगातार घटनाओं के बावजूद मोरा की मिलक में बंदर पकड़ने के इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास भवन और कचहरी क्षेत्र में पिंजरा लगाकर बंदर पकड़े जा रहे हैं। मोरा की मिलक में भी पिंजरा लगाया जाता है, लेकिन यह रोजाना केवल दो-तीन घंटे के लिए रहता है। बंदर के आने का कोई तय समय नहीं होने के कारण वह पिंजरे के पास नहीं पहुंचता। ग्रामीणों ने मांग की है कि बंदर पकड़ने के लिए एक ही स्थान पर कई दिनों तक लगातार पिंजरा लगाया जाए। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार का कहना है कि टीमें लगातार सक्रिय हैं। शनिवार व रविवार को भी टीम ने 100 से ज्यादा बंदरों को पकड़ा है। मोरा की मिलक में सक्रियता और बढ़ाई जाएगी।