मुरादाबाद। बिजनौर जनपद में तैनात एक महिला कांस्टेबल ने वहां के अपर पुलिस अधीक्षक नगर पर शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। कहा कि एएसपी नगर उस पर गलत कार्य के लिए दबाव बना रहे हैं। बात न मानने पर तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है और उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पीड़ित ने पूरे प्रकरण की शिकायत आईजी से करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
सोमवार को यह महिला कांस्टेबल मुरादाबाद पहुंची और आईजी रमित शर्मा से शिकायत की। बताया कि वह बिजनौर पुलिस लाइन स्थित डीसीआरबी में तैनात है। बैडमिंटन की खिलाड़ी भी है तथा जोन व जिला स्तर पर कई मेडल जीत चुकी है। पुलिस लाइन के बैडमिंटन हॉल में ही प्रैक्टिस करती है। पीड़ित के मुताबिक 11 मार्च 2020 को पुलिस लाइन में पुलिस कर्मियों ने होली का त्योहार मनाया था। उसी दिन रात्रि में करीब दस बजे एक सिपाही के मोबाइल से अपर पुलिस अधीक्षक नगर बिजनौर ने बात करते हुए उसे बैडमिंटन हाल में बुलाया। पीड़ित ने रात अधिक होने पर आने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसी के चलते महिला आरक्षी के खिलाफ एएसपी ने रपट लिखा दी। जब महिला कांस्टेबल ने जीडी मुंशी ने रपट लिखने का कारण पूछा तो उन्होंने उसे बताया कि बैडमिंटन खेलने से इनकार करने पर रपट लिखी गई है।
पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद से अपर पुलिस अधीक्षक नगर द्वारा उसे तरह-तरह से परेशान किया जाने लगा। कोरोना काल में उसकी ड्यूटी ऐसी जगह लगवाई, जहां उसने अधिक परेशानियां झेलीं। उसने बताया कि एक दिन पुलिस लाइन के आरआई का फोन आया। उन्होंने कहा कि अपर पुलिस अधीक्षक नगर से इसी फोन पर बात कर लीजिए। पीड़ित ने बात की, तो उन्होंने कहा कि तुम हमें अपना आका बना लो, तुम्हारी सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। आरोप है कि अमर्यादित तथा द्विअर्थी बात की। कांस्टेबल ने बात मानने से साफ इनकार कर दिया। तब पीड़िता को और ज्यादा परेशान किया जाने लगा। पीड़िता का आरोप है कि उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। महिला का यह भी कहना है कि वह बिजनौर एसपी से भी इस बाबत शिकायत कर चुकी है जिसकी जांच एक महिला सीओ को सौंपी गई है। उसके बयान भी दर्ज हुए हैं पर उस पर एएसपी के करीबियों द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। महिला कांस्टेबल ने कार्रवाई की मांग की है।
गहनता से जांच होगी: आईजी
बिजनौर से आई एक महिला आरक्षी ने कई आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया है। मैंने बिजनौर एसपी को आदेश दिया है कि पूरे मामले की गहनता से जांच कर मुझे इसकी रिपोर्ट भेजी जाए।
- रमित शर्मा, आईजी
सारे आरोप निराधार : एएसपी
सीएए के विरोध में बनाए गए आरोपी महिला कांस्टेबल को साजिश के तहत भड़का रहे हैं। मेरा इस महिला से कोई लेनादेना नहीं है। न तो मैने कभी महिला को कोई फोन किया है और न ही कोई मेसेज किया है। एक-दो दिन में पूरे मामले का खुलासा हो जाएगा। मुझ पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं- लक्ष्मी निवास मिश्र अपर पुलिस अधीक्षक बिजनौर