कांठ। बम-बम भोले के जयकारों संग कांवड़ियों के जत्थे पवित्र गंगाजल लेकर लगातार वापस हो रहे हैं तो दूसरी ओर तमाम जत्थे हरिद्वार के लिए कांठ नगर से होकर जा रहे हैं। जिससे हर ओर भगवा छटा आई हुई है। धार्मिक भजनों पर नाचते-गाते कांवड़िये अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं।
सावन माह के प्रत्येक सोमवार को भगवान शंकर का जलाभिषेक किया जाता है। इसके लिए भारी तादाद में कांवड़िये हरिद्वार से पैदल कांवड़ में गंगाजल भरकर ला रहे हैं। 24 अगस्त को सावन माह का चौथा और अंतिम सोमवार है, जिस पर शिवभक्त शिवालयों पर जलाभिषेक करेंगे। शनिवार को भोले के भगवा वस्त्रधारी भक्तों की टोलियां नाचती-गाती कांठ से होकर निकली तो पूरे क्षेत्र का वातावरण शिवमय हो गया। बड़ी तादाद में कांवड़ियों की वापसी देर रात तक होती रही। कांवड़ जत्थों में सुंदर-सुंदर झांकियां भी शामिल रहीं। इसे लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा था। इधर हाईवे पर पुलिस पूरा दिन गश्त करती रही है। वहीं सभी प्वाइंटों पर भी ड्यूटी रही है। पुलिस ने कांवड़ियों के आने वाले मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया है। शनिवार को डीजे आदि साथ भारी तादाद में कांवड़ियों के जत्थे हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लाने के लिए भी निकले।
नगर व क्षेत्र में कांवड़ियों की सेवा के लिए जगह-जगह लगाए गए भंडारा शिविरों में स्थानीय लोगों के द्वारा शिव भक्तों की सेवा और सत्कार किया जा रहा है। नगर के गांधी आश्रम परिसर में चल रहे विश्व हिंदू परिषद के शिविर में कांवड़ियों के लिए भोजन, जल, विश्राम आदि की व्यवस्था है। यहां पूर्व जिला प्रमुख मोनू विश्नोई, नगराध्यक्ष अजयपाल तोमर, सचिन अग्निहोत्री आदि व्यवस्था में लगे हुए हैं। इसी के साथ नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन अजयवीर सिंह पप्पू के यहां भी कांवड़ियों की सेवा और सत्कार किया जा रहा है। इसके अलावा रोडवेज बस स्टैंड के सामने, थाने के निकट, कांवड़ पथ मार्ग, खलीलपुर कदीम रोड सहित अन्य स्थानों पर भी कांवड़ियों के लिए भंडारे चल रहे हैं।