मुरादाबाद। मुरादाबाद हरिद्वार स्टेट हाईवे से सटे शेरूआ धर्मपुर गांव से चौदह जून की सुबह लापता हुए फैक्टरी कर्मचारी का शव मंगलवार को गन्ने के खेत में मिला। पुलिस ने पड़ोस में रहने वाली उसकी प्रेमिका की निशानदेही पर शव बरामद किया है। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। प्रेमिका ने दावा किया कि वे दोनों आत्महत्या करने के लिए खेत में गए थे। युवक ने जब खुद को गोली से उड़ाया तो वह घबरा गई और तमंचा छोड़कर कर वहां से भाग खड़ी हुई। वहीं देर शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि रंजीत को दो गोलियां मारी गई थीं। उसके सिर से दो गोलियों के तीन हिस्से पाए गए हैं। इसके बाद थाना प्रभारी का कहना है कि अब इस प्रकरण में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। याद रहे कि युवक के परिजन लड़की के पिता और भाई पर पहले ही हत्या करने का आरोप लगा रहे थे। युवक की तीस जून को शादी तय की गई थी।
सिविल लाइंस के शेरूआ धर्मपुर गांव में भोपाल सिंह कश्यप का परिवार रहता है। उनके तीन बेटों में दूसरे नंबर का बाइस वर्षीय रंजीत कुमार बीए तक पढ़ाई करने के बाद गांव के ही पास एक प्लाई वुड फैक्टरी में नौकरी करता था। इसी फैक्टरी में रंजीत के पिता ठेकेदार हैं। रंजीत के बड़े भाई चमन और छोटे भाई विमल ने बताया कि रंजीत चौदह जून को सुबह पांच बजे रोज की तरह दौड़ लगाने गया था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। दोपहर तक घर नहीं आया तो परिजन उसकी तलाश में जुट गए। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा था। इसके बाद उन्होंने अगवानपुर पुलिस चौकी पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई।
कॉल डिटेल से खुला राज
सिविल लाइंस थाना प्रभारी नवल मारवाह ने बताया कि रंजीत के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई तो अंतिम कॉल एक लड़की की निकली। परिवार के लोगों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि एक अन्य बिरादरी की यह लड़की उनके पड़ोस में रहती है। इससे युवक के प्रेम संबंध हैं। पुलिस ने इस नाबालिग लड़की, उसके पिता और भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सोमवार की देर रात युवती ने कबूला है कि युवक की मौत हो चुकी है। उसकी लाश दीवान शुगर मिल के पीछे गन्ने के खेत में पड़ी है। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे गन्ने के खेत में पहुंची और मौके से शव बरामद किया।
मोबाइल और रॉड से हुई शव की पहचान
कुछ दिन पूर्व दुर्घटना के बाद रंजीत की बाजू में रॉड डाली गई थी। परिजनों ने इसी रॉड और मौके पर मिले मोबाइल से उसकी पहचान की। चूंकि उसका शव नौ दिन पुराना होने के कारण बुरी तरह से क्षत विक्षत हो चुका था। प्रेमिका ने बताया कि युवक की तीस जून को शादी होने वाली थी। वह शादी नहीं करना चाहता था। उसने फोन कर उसे गन्ने के खेत में बुला लिया था। दोनों ने आत्महत्या करने की योजना बनाई । युवक अपने साथ तमंचा लेकर गया था। उसने पहले खुद को गोली मार ली। उसके बाद मुझे गोली मारनी थी, लेकिन मैं घबरा गई थी। लिहाजा मौके से भाग आई।
पोस्टमार्टम ने बदली कहानी, पर लड़की ने नहीं
मंगलवार देर शाम हुए पोस्टमार्टम में कहानी ही बदल गई। पोस्टमार्टम में आया कि रंजीत के सिर में दो गोलियां तीन भागों में फंसी हैं। सवाल यह है कि आत्महत्या में कोई खुद को दो गोली वह भी सिर में कैसे मार सकता है। ऐसे में पुलिस भी हत्या की थ्योरी पर आ गई है। इस मामले में हत्या की धारा जोड़नेे की तैयारी कर रही है। उधर रात 12 बजे तक भी लड़की अपने बयान पर अडिग थी।
नौ दिन तक राज अपने भीतर दबाए रही लड़की
यदि कॉल डिटेल न होती तो शायद यह पता ही न चलता कि क्या घटना हुई है? हैरत की बात यह है कि नौ दिन तक नाबालिग लड़की अपने भीतर यह राज दबाए रही। उसने किसी से जिक्र तक नहीं किया। यदि किया भी होगा तो शायद अपने परिजनों को यह बात बताई होगी पर यह बात बाहर नहीं आई। उधर देर रात रंजीत के पिता की ओर से लड़की के, पिता, भाई, मामा और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ हत्या की तहरीर दी गई है।
अनसुलझे सवाल
- जब रंजीत का मोबाइल मौके पर पड़ा मिला तो पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस क्यों नहीं की
- मौके पर एक खोखा मिला है जबकि तमंचा लोड मिला और एक कारतूस उसमें पड़ा था। यानी दूसरा फायर नहीं किया गया। यदि उसे दो गोली मारी गई तो दूसरा खोखा कहां गया
- नौ दिन गन्ने के खेत में ही पड़ा रहा शव पर उसकी क्या किसी को दुर्गंध नहीं आई
- 315 बोर का यह तमंचा कहां से आया
डायरी में लिखा, मेरे भाई की शादी उसकी मर्जी से ही कराना
थाना प्रभारी के मुताबिक रंजीत के घर से एक डायरी मिली है जो रंजीत की बताई जा रही है। उसमें लिखा है कि मेरी एफडी मेरे भाई के नाम करा दी जाए। मेरे भाई की शादी उसकी मर्जी से ही कराई जाए। जोर जबरदस्ती न की जाए। मेरा कुछ लोगों पर पैसा उधार है। उनसे वसूल कर लिया जाए। हालांकि रंजीत के भाई चमन ने इससे इंकार किया और कहा कि ऐसा कुछ नहीं है।
पिता की तरफ से तहरीर हत्या की तहरीर