शीतलहर के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। कोहरे के चलते दिन में भी चालकों को लाइट जलाकर वाहन चलाना पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि आने वाले दिनों में कोहरे व शीतलहर से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर रहने के कारण बारिश की संभावना बेहद कम है।
मुरादाबाद मंडल शीतलहर की चपेट में है। हाड़कंपा देने वाली ठंड के चलते जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को कोल्ड डे की चेतावनी जारी कर दी है। बृहस्पतिवार को मुरादाबाद का न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह लगभग नैनीताल और हरिद्वार के बराबर रहा।
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यह आंकड़ा आईएमडी के मुताबिक है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में कोहरे व शीतलहर से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। अधिकतम तापमान 15.4 व न्यूनतम तापमान सात डिग्री रहा। सुबह हवा में नमी का आंकड़ा 95 व शाम को 90 रहा। पांच से 10 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं पश्चिम से पूर्व की तरफ चलीं।
बुधवार रात रहे घने कोहरे के बाद बृहस्पतिवार सुबह लोग सड़कों के किनारे आग जलाकर हाथ सेंकते नजर आए। पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक आरके सिंह के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर रहने के कारण आने वाले दिनों में बारिश की संभावना बेहद कम है। जब बारिश होगी तब ही ठंड व शीतलहर से राहत मिलेगी।
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उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह तापमान में आंशिक बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले साल जनवरी की शुरुआत में न्यूनतम तापमान चार से पांच डिग्री दर्ज किया गया था। इस बार जनवरी के अंत में यह स्थित देखने को मिल सकती है। जिले के लोगों को शीतलहर अभी और परेशान करेगी।