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पाउंड की कमजोरी से बढ़ा एक्सपोर्टर्स का नुकसान 

Wed, 29 Jun 2016 12:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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एक्सपोर्टर्स - फोटो : demo
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यूरोपीय यूनियन से ब्रिटेन से अलग के बाद झटके लग रहे हैं। रुपये के मुकाबले पाउंड लगातार कमजोर हो रहा है। इससे निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है। खासकर उनकी जो पाउंड में कारोबार करते हैं। अगर आने वाले दिनों में गिरावट जारी रही तो उनका नुकसान भी बढ़ेगा। 
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ब्रेग्जिट के बाद से वैश्विक पटल पर आर्थिक उठापटक जारी है। यूरोपीय यूनियन से ब्रिटेन के अलग होने के साथ ही बाजार एक साथ धड़ाम हुए थे। बाजरों में अभी भी गिरावट जारी है। अभी डालर के मुकाबले रुपया लगातार मजबूत हो रहा है। मुरादाबाद से होने वाले निर्यात में करीब एक चौथाई कारोबार पाउंड में होता है। बाकी कारोबार डालर और यूरो में किया जाता है।

इस समय डालर और यूरो में काम करने वाले नुकसान की स्थिति में दिखाई नहीं दे रहे हैं। लेकिन यूरो पर ब्रिटेन के अलग होने का असर पड़ रहा है। वहीं सबसे तेजी से पाउंड नीचे आया है। इस समय पाउंड 89 के आस पास पहुंच चुका है। इससे भारतीय निर्यातकों, जो आर्डर प्लेस कर चुके हैं उनको सीधा सीधा प्रति 100 रुपये पर 11 रुपये का नुकसान है। करोड़ों में आने वाले पेमेंट में नुकसान लाखों में पहुंचेगा। इस स्थिति से बचने के लिए ईपीसीएच भी कोशिश कर रही है।  
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‘अभी जो हालात है उसमें नुकसान दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में अगर ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था डाउन हुई तो मामला गंभीर हो जाएगा। इस साल मुरादाबाद में कारोबार गिरा है और वहां से भी आर्डर घट गए तो नुकसान बढ़ेगा। दूसरी बात ये कि कुछ और देशों के यूरोपियन यूनियन से बाहर जाने की संभावना है। वैसी स्थिति में परेशानी बढे़ेगी। ’
- कमल सोनी, निर्यातक, बल्लभ मेटल्स  

‘अभी के हालात भारत और विशेषकर मुरादाबाद के पक्ष में नहीं है। मुरादाबाद का एक्सपोर्ट ब्रिटेन से होते हुए अन्य छोटे छोटे देशों को जाता था। बड़े बायर माल लेकर अन्य देशों को सप्लाई करते थे। लेकिन अब कारोबारी रिश्ते टूटने पर मुरादाबाद के निर्यातकों को अन्य देशों में कारोबार बढ़ाना होगा। इससे सिरदर्दी बढ़ेगी और शुरुआती दौर में कारोबार में कमी आएगी।’ 
- संजीव कपूर, सीए 
 
पाउंड में उतार चढ़ाव से आने वाले समय में भी निर्यातकों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। यूरो में डिवैल्यूएशन करना होगा। हालांकि आने वाले दिनों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। एक अच्छे संकेत ये है कि ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों और औद्योगिक संस्थानाें में यूरोप का कोटा खत्म होने से भारतीयों के लिए अवसर बढ़ेंगे। 
- अभिनव अग्रवाल, सीए 

 ‘रुपये के मुकाबले पाउंड की कमजोरी से भारतीय बाजाराें पर असर हुआ है। खासकर मुरादाबाद में असर बहुत दिखाई दिया है। पिछले कुछ ही दिनों में मुरादाबाद में नुकसान करोड़ों हुआ है। मुरादाबाद के लोगों का शेयर बाजार में भी रुपया लगा हुआ है। जिन कंपनियों का ब्रिटेन से कारोबार है उसमें रुपये लगाने वालों को बड़ा नुकसान हुआ है।’ 
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- खालिद अली, मल्टीगेन इंटरनेशनल
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