महापौर बीना अग्रवाल के आकस्मिक निधन की वजह से रिक्त हुई मेयर की सीट के लिए बुधवार को हुए उपचुनाव में वोटरों ने कोई खास रुचि नहीं दिखाई। सुबह आठ बजे बेहद सुस्त रफ्तार से शुरू हुआ मतदान शाम को वोटिंग खत्म होने तक महज 24.54 फीसदी पर ही सिमटकर रह गया।
शहर के कई इलाकों में वोटरों ने चुनाव का बहिष्कार किया तो कई जगह वोटरों के नाम लिस्ट से गायब थे। इक्का - दुक्का जगह मामूली हंगामे को छोड़ चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
बुधवार सुबह ठीक आठ बजे 487 पोलिंग बूथों पर मतदान शुरू हुआ। लेकिन एकाध को छोड़ सभी पोलिंग बूथ सूने पड़े रहे।
सुबह दस बजे तक महज 4.9 प्रतिशत मतदान हुआ। एकाध को छोड़ किसी भी पोलिंग सेंटर पर वोटरों को कतार में लगने की जरूरत नहीं पड़ी। दोपहर बारह बजे तक कुल 11.9 प्रतिशत और दोपहर दो बजे तक 16.65 प्रतिशत मतदान हुआ था। शाम को करीब साढ़े पांच बजे पोलिंग बंद हुआ तो यह आंकड़ा महज 24.54 प्रतिशत पर सिमटकर रह गया।
महापौर उपचुनाव में कुल 5,54,116 वोटरों को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, लेकिन महज 1,35,990 वोटर ही वोट डालने के लिए घरों से निकले। आदर्श नगर, गोविंद नगर के कुछ हिस्सों समेत शहर के कई इलाकों में वोटरों ने विकास में उपेक्षा और दूसरी वजहों से मतदान का बहिष्कार भी किया।
वहीं गुलाबबाड़ी, लाइनपार, एमडीए, कुंदनपुर और लाकड़ी समेत कई हिस्सों में वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने की वजह से भी वोटरों को बगैर वोट डाले घर लौटना पड़ा। चुनाव में भाजपा, सपा, कांग्रेस और नौ निर्दलीयों समेत कुल 12 प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं। चुनाव के नतीजे कल (शुक्रवार) को आएंगे।