मुरादाबाद। आखिरकार गोविंदनगर के लोगों की समस्या हल हो गई। लंबे इंतजार के बाद रेलवे ने गोविंदनगर ओवरब्रिज को आवागमन के लिए खोल दिया है। इस ओवरब्रिज पर मंगलवार की रात से वाहनों के सरपट दौड़ने से लोगों को काफी सहूलियत हो गई है। अब स्थानीय लोगों को जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार नहीं करना पड़ेगा। बाउंड्रीवाल का भी निर्माण पूरा होने से बच्चे भी ट्रैक के नजदीक नहीं जा सकेंगे। इससे दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
गोविंदनगर ओवरब्रिज का शिलान्यास वर्ष 2019 में हुआ था। नगर निगम ने रेलवे को निर्माण के लिए फरवरी 2020 में फंड उपलब्ध कराया। 23 मार्च 2020 से लॉकडाउन लागू होने के बाद ओवरब्रिज के निर्माण का सिलसिला आगे नहीं बढ़ सका। जुलाई 2020 में रेलवे ने निर्माण शुरू कराया। जनवरी 2021 तक निर्माण कार्य चला। गर्डर डालने से से पहले बिजली के कुछ पोल और ट्रांसफार्मर निर्माण में बाधा बन गए। इन्हें हटाने के लिए रेलवे ने विद्युत निगम को 22 लाख रुपये का भुगतान किया, तब कहीं जाकर दो महीने बाद पोल और ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग का काम पूरा हुआ।
मार्च 2021 मे निर्माण दोबारा शुरू हुआ, लेकिन अप्रैल में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान निर्माण सामग्री न मिलने से काम फिर रुक गया। इस तरह सितंबर वर्ष 2021 में निर्माण पूरा हुआ। इसके बाद लोगों ने रेलवे की बाउंड्रीवाल को लेकर विरोध शुरू कर दिया। लोगों की मांग थी कि रेलवे 20 फीट रास्ता छोड़कर दीवार बनाए, जिससे आपात स्थिति में गोविंदनगर में एंबुलेंस या अग्निशमन विभाग के वाहन पहुंच सके। इस मुद्दे पर नगर निगम और रेलवे के बीच बहुत माथापच्ची के बाद कॉलोनी की सड़क के लिए 15 फीट रास्ता छोड़ने पर सहमति बनी। अब बाउंड्रीवाल का निर्माण पूरा होने के बाद पुल भी शुरू हो गया है। रेलवे के सहायक वाणिज्य प्रबंधक पीएस बघेल ने बताया कि रेलवे की ओर से अब कोई रुकावट नहीं है। सुरक्षा के सभी इंतजाम पूरे करने के बाद ही ओवरब्रिज को आवागमन के खोल दिया है।
मजबूरन लोगों ने खुद शुरू कर लिया था पुल
मुरादाबाद। तीन सप्ताह पहले गोविंदनगर में रेलवे ट्रैक पार करते वक्त एक महिला की मौत हो गई थी। इसके बाद लोगों ने रेलवे द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को हटा दिया और पुल पर आवागमन शुरू कर दिया। इसके बाद रेलवे ने बाउंड्रीवाल का निर्माण तेज कराया। 17 दिन में निर्माण पूरा हो गया और अब लोग सहूलियत से रेलवे ट्रैक पार कर रहे हैं।
क्षेत्र के बच्चों को अक्सर रेलवे लाइन के नजदीक खेलते हुए देखा जा सकता था। अब स्कूल जाने के लिए बच्चों को अवैध तरीके से लाइन क्रॉस नहीं करनी पड़ेगी। दुर्घटनाओं पर लगाम लगेगी, रेलवे के अधिकारियों ने लोगों की जरूरत को देखते हुए काफी समझौता किया।
- जयप्रकाश सिंह
जिस महिला की रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से मौत हुई थी, वह बीमार थी और दवा लेकर अपने घर लौट रही थी। इससे पहले भी क्षेत्र के लोगों के साथ हादसे हुए हैं। उम्मीद है कि अब इस प्रकार की घटनाएं क्षेत्र में नहीं होंगी।
- डॉ राहुल कुमार