मुरादाबाद। नगर निगम के वार्ड-तीन की मीरपुर कॉलोनी दिल्ली सड़क के करीब है। कई सालों तक शिकायतों के बाद अब कुछ सड़कों का निर्माण हो पाया है लेकिन अभी भी कुछ गलियां कच्ची हैं। यहां बड़ी समस्या यह है कि यहां खाली प्लॉटों को डंपिंग ग्राउंड बना दिया गया है। यहां स्थानीय लोग ही नहीं बल्कि नगर निगम के कर्मचारी भी कूड़ा डाल देते हैं।
दिल्ली सड़क से मिलन विहार की ओर जाने वाले सड़क पर ही मीरपुर कॉलोनी भी स्थित है। अच्छी खासी आवासीय कॉलोनी होने के बावजूद कई गलियों में आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नालियां साफ नहीं होने के कारण वह भरी हुई रहती हैं, जिसके कारण जलनिकासी ठीक से नहीं हो पा रही है, यही कारण है कि गलियों में पानी भर जाता है।
ऐसा नहीं है कि सफाई कर्मचारी नहीं आते लेकिन मुख्य सड़क पर ही जहां-तहां झाड़ू लगाकर औपचारिकता निभाकर चले जाते हैं, जिससे अंदर की गलियों में गंदगी रहती हैं। खुद से यदि लोग नालियां साफ करते भी हैं तो कूड़ा या सिल्ट उठाने वाला कोई नहीं आता, जिससे वह फिर नालियों में चला जाता है।
यहां के अधिकतर लोगों के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर भी बड़ी समस्या बने हुए हैं, लोगों का कहना है कि एक महीने में तीन-तीन बार बिल आ जाता है, जमा नहीं होने पर बिजली काट दी जाती है। आखिर लोग कहां तक बिजली का बिल जमा करें।
मीरपुर कॉलोनी में कई खाली प्लॉट पड़े हैं, सभी को डंपिंग ग्राउंड के रूप में प्रयोग किया जाता है, सभी में वर्षों से गंदगी पड़ी है, जिससे बदबू फैलती है।
हरपाल सिंह
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घर के सामने ही खाली प्लॉट में वर्षों से गंदगी पड़ी हुई है, इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की गई है लेकिन नगर निगम का कोई कर्मचारी देखने तक नहीं आया।
राजू
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-कई बार पार्षद को लिखित रूप में अवगत कराया कि इन खाली प्लॉटों से कचरे को उठवाकर इन्हें साफ करा दिया जाए, लेकिन इसके बावजूद कचरा साफ नहीं कराया गया।
कृष्णा
पेयजल की भी मीरपुर कॉलोनी में दिक्कत रहती है, कभी-कभी तो पानी आता ही नहीं है। कभी काफी देर से आता है तो कभी जल्दी आने लगता है, अक्सर पीला पानी आता है।
बाबू लाल
सफाई की समस्या रहती है, नियमित रूप से यहां सफाई कर्मचारी नहीं आते हैं। कई सड़कें भी ऊबड़-खाबड़ हो चुकी है, जिन पर चलना दुश्वार हो रहा है।
बब्बू सलमानी
सबसे बड़ी समस्या तो नालियों की सफाई नहीं होना है, इसके कारण है कि बदबू का माहौल रहता है। नगर निगम को नालियों की सफाई सप्ताह में एक बार तो करानी ही चाहिए।
खुशी
बिजली के प्रीपेड मीटरों से पूरी कॉलोनी परेशान है, एक महीने में तीन-तीन बार बिजली का बिल आ जाता है, न जमा करो तो बिजली कट जाती है, ऐसा कब तक चलेगा।
प्रियांशु भटनागर
कई गलियां हैं जो अभी तक कच्ची हैं, बारिश के दौरान उनमें कीचड़ और फिसलन हो जाती है, कुछ दिन पहले ही कई बार शिकायतों के बाद सड़कें बनाई गई हैं।
विपिन कुमार
नगर निगम के पास सैकड़ों सफाई कर्मचारी हैं लेकिन दिखाई कभी-कभार दो चार देते हैं, आखिर सफाई होती कहां है। अधिकारियों को भी मॉनिटरिंग करनी चाहिए।
शुभम सैनी
नालियों में गंदा पानी भरा रहता है, कचरा हो जाने के कारण चोक हो जाती हैं, जिनकी सफाई नहीं होती है, लोगों को खुद ही नालियां साफ करनी पड़ती है।
जगवती
वर्जन
महानगर के सभी वार्डों में नियमित रूप से सफाई हो रही है, इनकी मॉनिटरिंग भी कराई जा रही है, विकास कार्य भी लगातार कराए जा रहे हैं, फिर भी कहीं कोई दिक्कत है तो निगम को बताएं, समाधान कराया जाएगा।
अजीत कुमार, अपर नगर आयुक्त