मुरादाबाद। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) में इस बार जिले के करीब 1541 स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को रिवॉल्विंग फंड देने की तैयारी है। जिससे ग्रामीण अंचलों में अधिकाधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके। करीब 1092 समूहों को सामुदायिक निवेश निधि का भी लाभ दिया जाएगा।
सीएम-डैशबोर्ड पर दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को डी श्रेणी से ए श्रेणी में लाने के लिए इस वित्तीय वर्ष में लगातार स्वयं सहायता समूहों पर फोकस करने की तैयारी है। उपायुक्त (एनआरएलएम) केएन पांडेय के अनुसार स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। जिले में करीब 500 से अधिक निष्क्रिय स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय किया जा रहा है।
जिले को 1541 स्वयं सहायता समूहों को पूर्ण सक्रिय करके उन्हें रिवॉल्विंग फंड मुहैया कराने का लक्ष्य दिया गया है। छह महीने के बाद समूहों के प्रदर्शन के आधार पर इनमें से करीब 1092 समूहों को सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) 1.50 लाख रुपये प्रति समूह के हिसाब से दी जाएगी, ताकि समूह पूरी लगन से अपना स्वरोजगार कर मुनाफा कमा सकें। इसके बाद उन्हें करीब तीन लाख रुपये तक का ऋण (कैश क्रेडिट लिंकेज) भी मुहैया कराया जाएगा।