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UPPCS Result: डिप्टी एसपी की ट्रेनिंग के दौरान करते रहे प्रयास.. पवन बने एसडीएम, बेहतरीन जवाब दे पाई छठी रैंक

Wed, 24 Jan 2024 10:19 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद में डिप्टी एसपी की ट्रेनिंग कर रहे पवन पटेल ने यूपीपीसीएस परीक्षा में 6वीं रैंक प्राप्त कर सफलता हासिल की है। वर्ष 2017 तक बैंक ऑफ बड़ौदा में हेड कैशियर के तौर पर नियुक्त थे। उनके पिता किसान हैं। 

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पवन पटेल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चित्रकूट निवासी और पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में डिप्टी एसपी की ट्रेनिंग ले रहे पवन पटेल ने प्रदेश में 6वीं रैंक प्राप्त कर सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि पीसीएस की तैयारी बैंक ऑफ बड़ौदा में हेड कैशियर की नौकरी से त्यागपत्र देकर शुरू की थी। 

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पवन पटेल ने बताया कि उन्हें पहली सफलता वर्ष 2022 में सफलता मिली थी। डिप्टी एसपी पद पर नियुक्ति से पहले प्री और मेंस दोनों ही परीक्षा हो चुकी थीं। दस दिन पहले साक्षात्कार हुआ था। उन्होंने कहा कि इस बार वैकल्पिक पेपर हट जाने की वजह से मुझे फायदा मिला।

पहली बार यह परीक्षा बिना वैकल्पिक पेपर के हुई थी। मैंने अपना श्रेष्ठ देने का प्रयास किया था, क्योंकि मैंने सोच लिया था कि इस बार मनचाही रैंक नहीं मिलेगी तो मैं अब फिर परीक्षा नहीं दूंगा। एसडीएम बनना मेरा लक्ष्य था। इसके लिए मैंने निरंतर अभ्यास पर जोर दिया।

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इलाहाबाद के माहौल ने किया प्रोत्साहित

पवन ने बताया कि मैंने इलाबाद विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है। वर्ष 2017 तक मैं बैंक ऑफ बड़ौदा में हेड कैशियर था। इलाहाबाद के माहौल ने मुझे पीसीएस की परीक्षा देने को प्रोत्साहित किया। पापा केदार पटेल गांव लंकापुरवा दादरीमाफी रुक्मा खुर्द में खेती करते हैं। मेरा संयुक्त परिवार है।

जब मैंने नौकरी से त्यागपत्र दिया तो मेरे पापा केदार पटेल डर गए थे। हालांकि उन्हें मुझ पर भरोसा था। मैंने भी जोखिम लिया, क्योंकि नौकरी करते हुए मुझे पढ़ने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद मैं तैयारी के लिए दिल्ली आ गया। प्रतिदिन आठ से नौ घंटे पढ़ाई की।

पांचवें प्रयास में दूसरी बड़ी सफलता

पवन ने बताया कि यह मेरा पांचवां मेंस और चौथा साक्षात्कार था। हालांकि चौथे प्रयास और तीसरे साक्षात्कार में मुझे डिप्टी एसपी का पद मिल गया था। पांचवें प्रयास में यह मेरी दूसरी बड़ी सफलता है। मेरा मानना है कि अभ्यास के दौरान निरंतरता बहुत जरूरी है।

आसपास के घटनाक्रम से खुद को अपडेट रखने के लिए नियमित अखबार पढ़ता था। उन्होंने कहा कि युवाओं को शुरुआत में लगता है कि मनमाफिक परिणाम नहीं आ रहा है। इसके लिए अपने आत्मविश्वास को बनाए रखना बहुत जरूरी है।

पुलिस से संबंधित पूछे थे सवाल

पवन ने बताया कि साक्षात्कार में पुलिस नौकरी, लॉ एंड ऑर्डर से संबंधित सवाल पूछे थे। मुझे पूछा गया कि अपराध बढ़ रहे हैं। इसे कम करने के लिए क्या करोगे। मैंने कहा कि आम लोगों और पुलिस के बीच के गैप को कम करने का प्रयास करूंगा, ताकि जनता के मन से पुलिस के भय दूर हो सके। डिजिटल कनेक्टिविटी से भी जुड़ने का प्रयास करुंगा।

अपने क्षेत्र के लिए करुंगा व्यक्तिगत प्रयास

उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड पिछड़ा एरिया है। वहां आबादी का बड़ा हिस्सा ऐसा है जो शिक्षा और बाहरी दुनिया से कटा हुआ है। ऐसे में नौकरी ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी ऐसे प्रयास करुंगा, ताकि वहां के लोगों को कुछ लाभ हो सके।

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चाचा को बताया मैं सफल हो गया

पवन ने कहा कि शाम से ही हम सभी लोग अपना-अपना परिणाम देख रहे थे। जब मुझे पता चला कि मेरी छठवीं रैंक आई है तो मेरे पास शुभकामनाएं देने के लिए लगातार फोन आने लगे। कुछ देर बार मैंने घर फोन किया तो देर रात होने की वजह से पापा-मम्मी सो गए थे। चाचा को अपनी सफलता की बात बताई तो वह बहुत खुश हुए और आशीर्वाद दिया।

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